रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक बार फिर अमित जोगी चर्चा के केंद्र में हैं। पहले सट्टा किंग सौरभ चंद्राकर को अपना ‘फैन’ बताकर वीडियो जारी करने वाले जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर आपत्तिजनक वीडियो पोस्ट करने के मामले में फंस गए हैं। भाजपा नेताओं की शिकायत पर सिविल लाइन थाने में उनके खिलाफ FIR दर्ज की गई है।
जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी (Amit Jogi) के खिलाफ सिविल लाइन थाने में एफआईआर दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर सोशल मीडिया पर साझा किए गए विवादित वीडियो के मामले में रायपुर पश्चिम विधायक राजेश मूणत के नेतृत्व में भाजपा कार्यकर्ता थाने पहुंचे थे।
गृहमंत्री के जाते ही BJP ने खोला मोर्चा
बताया जा रहा है कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के रायपुर से रवाना होते ही भाजपा ने इस मामले में मोर्चा खोल दिया। रायपुर पश्चिम विधायक राजेश मूणत के नेतृत्व में शहर जिला भाजपा अध्यक्ष रमेश ठाकुर सहित बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता सिविल लाइन थाने पहुंचे और अमित जोगी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। भाजपा ने जोगी को गिरफ्तार करने के लिए 24 घंटे का अल्टीमेटम भी दिया है।
क्या था विवादित वीडियो?
अमित जोगी ने कथित वोट चोरी के मुद्दे पर एक व्यंग्यात्मक वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया था। इसमें प्रधानमंत्री और मुख्य चुनाव आयुक्त के प्रतीकात्मक किरदार दिखाए गए थे। भाजपा ने इस वीडियो को पीएम और संवैधानिक पद की गरिमा के खिलाफ आपत्तिजनक बताते हुए कानूनी कार्रवाई की मांग की।
वीडियो डिलीट कर माफ़ी मांगी अमित ने
विवाद बढ़ने पर जोगी ने वीडियो हटाकर सार्वजनिक रूप से माफी भी मांग ली थी, लेकिन भाजपा का कहना है कि माफी से अपराध खत्म नहीं होता। FIR में लगाई गई धाराओं की आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
माफी के बाद भी FIR क्यों?
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह मामला अब सिर्फ वीडियो का नहीं, बल्कि राजनीतिक संदेश का बन गया है। भाजपा इस मुद्दे को पीएम और चुनाव आयोग के सम्मान से जोड़कर जोगी को घेरना चाहती है, वहीं जनता कांग्रेस इसे अभिव्यक्ति की आजादी और व्यंग्य पर कार्रवाई बता रही है। रायपुर में FIR के बाद प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी और तेज हो गई है।
क्या यह खद को प्रचारित करने की रणनीति है?
राजनीतिक हलकों में यह चर्चा भी तेज है कि अमित जोगी लगातार ऐसे विवादित बयान और वीडियो जारी कर खुद को चर्चा में बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं। पहले सौरभ चंद्राकर जैसे सट्टा किंग को ‘फैन’ बताकर वीडियो जारी करना और अब पीएम-CEC पर व्यंग्यात्मक वीडियो पोस्ट करना – दोनों ही मामलों ने उन्हें सुर्खियों में ला दिया।
विपक्षी नेताओं का आरोप है कि जनता कांग्रेस का जनाधार सिमटने के बाद जोगी प्रासंगिक बने रहने के लिए विवादों का सहारा ले रहे हैं। माफी मांगने के बाद भी वीडियो का वायरल होना और फिर FIR पर राजनीतिक बहस छिड़ना उनके लिए एक तरह से फ्री प्रचार जैसा हो गया है। हालांकि जोगी समर्थक इसे सत्ता के खिलाफ आवाज उठाने की कीमत बता रहे हैं।
अब देखना होगा कि पुलिस FIR के बाद गिरफ्तारी की दिशा में बढ़ती है या मामला राजनीतिक बयानबाजी तक ही सीमित रहता है।
FAQ: अमित जोगी के बयां पर विवाद
Q1. अमित जोगी के खिलाफ FIR क्यों दर्ज हुई?
A. अमित जोगी ने कथित वोट चोरी के मुद्दे पर पीएम नरेंद्र मोदी और CEC ज्ञानेश कुमार पर व्यंग्यात्मक वीडियो पोस्ट किया था, जिसे भाजपा ने आपत्तिजनक बताया। राजेश मूणत और रमेश ठाकुर के नेतृत्व में भाजपा नेताओं की शिकायत पर रायपुर सिविल लाइन थाने में FIR दर्ज हुई है।
Q2. क्या अमित जोगी ने माफी मांग ली थी?
A. हां, विवाद बढ़ने पर अमित जोगी ने वीडियो हटा दिया था और लिखित में सार्वजनिक माफी मांगी थी। इसके बावजूद भाजपा ने कार्रवाई की मांग करते हुए FIR दर्ज कराई और 24 घंटे में गिरफ्तारी का अल्टीमेटम दिया है।
Q3. क्या यह प्रचार के लिए किया गया?
A. राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि अमित जोगी सट्टा किंग सौरभ चंद्राकर को फैन बताने वाले वीडियो और अब पीएम-CEC वाले वीडियो के जरिए खुद को चर्चा में बनाए रखना चाहते हैं। आलोचक इसे खुद को प्रचारित करने की रणनीति बता रहे हैं, जबकि समर्थक इसे सत्ता के खिलाफ आवाज बता रहे हैं।

