इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे टेस्ट मैच की दूसरी पारी में टीम इंडिया एक समय 112 रन पर 8 विकेट गंवा चुकी थी. इसके बाद टीम के ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा ने पुछल्ले बल्लेबाज जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद सिराज के साथ मिलकर भारत को जीत के बेहद करीब पहुंचा दिया था. इससे इंग्लैंड की टीम काफी टेंशन में आ गई थी, लेकिन शोएब बशीर ने मोहम्मद सिराज को आउट करके टीम को शानदार जीत दिला दी. इस दौरान रवींद्र जडेजा 61 रन बनाकर नाबाद रहे थे. अब पूर्व भारतीय क्रिकेटर बलविंदर सिंह संधू ने रवींद्र जडेजा पर हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि जडेजा रन का पीछा करते हुए डर गए थे.
बलविंदर सिंह संधू ने क्या कहा?
1983 वर्ल्ड कप विजेता टीम के सदस्य रहे बलविंदर सिंह संधू ने लॉर्ड्स टेस्ट मैच में टीम इंडिया की हार पर रवींद्र जडेजा को घेरा है. मिडे डे में अपने कॉलम में उन्होंने लिखा कि अंतिम क्षणों में वो दबाव में आ गए थे. शायद इसी वजह से जडेजा बुमराह पर भरोसा नहीं कर पाए और ज्यादातर स्ट्राइक अपने पास रख रहे थे, जबकि उन्हें बुमराह पर भरोसा करना चाहिए था और उन्हें भी रन बनाने का मौका देना चाहिए था.
चालाक क्रिकेटर हैं जडेजा
उन्होंने कहा कि रवींद्र जडेजा एक ऐसे खिलाड़ी हैं, जिन्हें मैं नेशनल क्रिकेट एकेडमी में उनके अंडर-19 के दिनों से जानता हूं. उस समय भी उन्होंने अपनी एज से कहीं ज्यादा परिपक्वता दिखाई. वो एक चतुर क्रिकेटर हैं, दबाव में शांत रहते हैं, लेकिन इस बार शायद असफल होने का डर या पुछल्ले बल्लेबाजों पर भरोसा न करने का दबाव उन पर हावी हो गया था. जडेजा ने तीसरे टेस्ट मैच की दूसीर पारी में 181 गेदों में 4 चौकों की मदद से नाबाद 61 रन बनाए थे.
बुमराह पर भरोसा करना चाहिए था
संधू ने लॉर्ड्स टेस्ट के नाटकीय अंत को याद करते हुए कहा कि जडेजा बुमराह पर थोड़ा और भरोसा कर सकते थे, खासकर जब वो इतनी मजबूती से डिफेंस कर रहे थे. उनका मानना है कि चौथी गेंद पर सिंगल लेने के बजाय जडेजा खुद को संभालकर काम पूरा कर सकते थे खासकर जब फील्डिंग अच्छी थी और ओवर में दो गेंदें बाकी थीं.


