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एलोवेरा की खेती के लिए सबसे जरूरी ये है कि खेत में ज्यादा नमी न हो, साथ ही पानी का ठहराव खेत में नहीं होना चाहिए. एलोवेरा के लिए रेतीली मिट्टी सबसे उपयुक्त मानी जाती है. हालांकि, इसकी खेती दोमट मिट्टी में भी होती है लेकिन रेतीली मिट्टी में इसके बेबी प्लांट ज्यादा संख्या में निकलते हैं.
एलोवेरा की खेती के लिए सबसे जरूरी ये है कि खेत में ज्यादा नमी न हो, साथ ही पानी का ठहराव खेत में नहीं होना चाहिए. एलोवेरा के लिए रेतीली मिट्टी सबसे उपयुक्त मानी जाती है. हालांकि, इसकी खेती दोमट मिट्टी में भी होती है लेकिन रेतीली मिट्टी में इसके बेबी प्लांट ज्यादा संख्या में निकलते हैं.
कब और कैसे होती है एलोवेरा की खेती?
एलोवेरा की खेती में बुवाई फरवरी से अक्टूबर-नवंबर तक कर सकते हैं. सर्दियों में इसकी बुवाई नहीं की जाती. पाला लगने से एलोवेरा के पौधे खराब हो जाते हैं. इसके अलावा किसी भी महीने में एलोवेरा की बुवाई की जा सकती है. पौधे लगाते समय दो पौधों के बीच में 2 फुट की दूरी होनी चाहिए. पौधा लगाने के बाद किसान साल में दो बार इसके पत्तों की कटाई कर सकते हैं और मुनाफा कमा सकते हैं.
कब और कैसे होती है एलोवेरा की खेती?
एलोवेरा की खेती में बुवाई फरवरी से अक्टूबर-नवंबर तक कर सकते हैं. सर्दियों में इसकी बुवाई नहीं की जाती. पाला लगने से एलोवेरा के पौधे खराब हो जाते हैं. इसके अलावा किसी भी महीने में एलोवेरा की बुवाई की जा सकती है. पौधे लगाते समय दो पौधों के बीच में 2 फुट की दूरी होनी चाहिए. पौधा लगाने के बाद किसान साल में दो बार इसके पत्तों की कटाई कर सकते हैं और मुनाफा कमा सकते हैं.
5 गुना ज्यादा कमाई?
एक बीघा खेत में किसान एलोवेरा के 12 हजार पौधे लगा सकते हैं. खेती के लिए लगाए जाने वाले एक पौधे की कीमत 3 से 4 रुपये तक होती है. यानी एक बीघा के खेत में एलोवेरा की खेती के लिए आपको करीब 40 हजार रुपये पौधे की खरीद पर खर्च होंगे.
एलोवेरा के एक पौधे से 3.5 किलो तक पत्ते मिलते हैं और एक पत्ते की कीमत 5 से 6 रुपये तक होती है. औसतन एक पौधे पत्ते 18 रुपये तक में बिक जाते हैं. ऐसे में किसान 40 हजार रुपये का निवेश करके सवा दो लाख रुपये तक की कमाई कर सकता है. यानी एलोवेरा की खेती से कुल 5 गुना फायदा कमाया जा सकता है.

