मजबूत विपक्ष आज की आवश्यक्ता। dr खुर्शीद खान देश के पाँच राज्यों का परिणाम आ चुका है। इन राज्यों- UP, उत्तरांचल, गोवा और मणिपुर- में भाजपा और एक- पंजाब- में AAP अपनी सरकार पूर्ण बहुमत से बना चुकी है। कांग्रेस सभी राज्यों मे खत्म हो गई है। मैं उन AAP और भाजपा के कार्यकर्ताओं को बधाई देता हूँ। जिन्होने ईमानदारी के साथ मेहनत कर अपनी पार्टी के प्रत्याशी को जीत दिल वाने एड़ी चोटी की जोर लगा दी।
इन रिजल्ट से स्पष्ट है कि वर्तमान माहौल मे भाजपा का कांग्रेस ऑप्शन नहीं बन सकती है। उसकी जगह पश्चिम बंगाल में TMC (42), बिहार में RJD (40), UP में SP (80), दिल्ली (7) और पंजाब (13) में AAP, झारखंड में JMM (14), उड़ीसा में BJD (21), आंध्र प्रदेश में YSR कांग्रेस (25), तेलेंगना में TRS (17), तमिल नाड़ु में DMK-कांग्रेस (39), केरल में CPI (20) और महाराष्ट्र में शिव सेना-NCP-कांग्रेस (48) ले चुकी है। इन 11 राज्यों की कुल 366 लोक सभा सीटों में भाजपा को क्षेत्रीय दलों की कढ़ी चुनौती का सामना करना पड़ेगा।
यह ट्रेंड निकट में बदलने वाला नहीं है। इसका प्रमुख कारण यह है कि जनता ने इन राज्यों मे कांग्रेस व बी॰एस॰पी॰ को पूरी तरह से नकार दिया है। बहुत हद तक इन दोनों राष्ट्रीय पार्टियों की जगह अब आप और उन राज्यों के क्षत्रिय दल ले चुके हैं।
अब ऐसा लगता है कि 2023 में गुजरात, त्रिपुरा, मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़- ऐसे पाँच राज्य जहां भाजपा और कांग्रेस के बीच सीधी टक्कर नज़र आती है- इन राज्यों में भी AAP और अन्य क्षेत्रीय दलों का उदय होगा और दोनों राष्ट्रीय दल बिना ( इनमे से कुछ राज्यों मे )उनके समर्थन के सरकार नहीं बना पाएँगे (यह सम्भावित है)
किसी भी देश के लोकतंत्र को महफ़ूज़ रखने के लिए भाजपा जैसी शक्तिशाली पार्टियों के विकल्प अथवा मजबुत विपक्षकी सख़्त आवश्यकता है। कांग्रेस के स्थान पर अब यह भूमिका AAP और TMC के नेतृत्व में अन्य क्षेत्रीय दल निभाएँगे। ताकि हमारे लोकतंत्र को मजबूत विपक्ष मिल सके और सत्ताधारी पार्टियों की मनमानी और ताना शाही को रोका जा सके। dr खुर्शीद खान dharamjaigarh

