Raipur News: रायपुर में केनाल लिंकिंग रोड पर लगने वाले जाम से लोगों को जल्द राहत मिलने वाली है। अमलीडीह चौक से द्रोणाचार्य स्कूल तक 49.52 करोड़ रुपए की लागत से नया ओवरब्रिज बनाया जाएगा। इसकी लंबाई 1.04 किलोमीटर और चौड़ाई 8.50 मीटर होगी। दो लेन का यह ओवरब्रिज बनने से मुख्य सड़क का ट्रैफिक ऊपर से गुजरेगा, जबकि नीचे की सड़क का इस्तेमाल स्थानीय लोग कर सकेंगे।
इस परियोजना से अमलीडीह, न्यू राजेंद्र नगर सहित आसपास के छह वार्डों में रहने वाले एक लाख से ज्यादा लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। अभी मुख्य सड़क से गुजरने वाले वाहनों के साथ कॉलोनियों से निकलने वाला ट्रैफिक भी इसी मार्ग पर रहता है। इससे खासकर व्यस्त समय में जाम की स्थिति बनती है। द्रोणाचार्य स्कूल के आसपास सुबह और दोपहर में स्कूल बसों और अभिभावकों के वाहनों के कारण दबाव और बढ़ जाता है।
49.52 करोड़ से बनेगा 1.04 किमी लंबा ब्रिज
प्रस्तावित ओवरब्रिज की लंबाई 1.04 किलोमीटर और चौड़ाई 8.50 मीटर होगी। इसे दो लेन का बनाया जाएगा। परियोजना पर करीब 49.52 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। अधिकारियों के अनुसार, ओवरब्रिज निर्माण को शासन से मंजूरी मिल चुकी है। अगले दो महीने के भीतर निर्माण के लिए टेंडर जारी करने की तैयारी है। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्माण कार्य शुरू करने की दिशा में कदम बढ़ाए जाएंगे।
ऊपर से गुजरेगा मुख्य ट्रैफिक, नीचे रहेगी स्थानीय आवाजाही
ओवरब्रिज बनने के बाद केनाल लिंकिंग रोड से शहर के दूसरे हिस्सों की ओर जाने वाले मुख्य वाहन सीधे ऊपर से गुजर सकेंगे। इससे अमलीडीह चौक और आसपास की क्रॉसिंग पर वाहनों को बार-बार रुकने की जरूरत नहीं पड़ेगी। वहीं, नीचे की सड़क पर स्थानीय कॉलोनियों से आने-जाने वाले लोगों के लिए रास्ता उपलब्ध रहेगा। इससे मुख्य और स्थानीय ट्रैफिक का दबाव अलग-अलग हो जाएगा।
छह वार्डों के एक लाख से ज्यादा लोगों को फायदा
अमलीडीह, न्यू राजेंद्र नगर और आसपास के इलाकों में तेजी से आबादी बढ़ी है। यहां कई बड़ी आवासीय कॉलोनियां विकसित हो चुकी हैं। ऐसे में रोजाना बड़ी संख्या में लोग केनाल लिंकिंग रोड का इस्तेमाल करते हैं। सुबह और शाम के व्यस्त समय में वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं। ओवरब्रिज बनने से छह वार्डों के एक लाख से ज्यादा लोगों को आवागमन में सुविधा मिलने की उम्मीद है।
कई साल से हो रही थी ओवरब्रिज बनाने की मांग
केनाल लिंकिंग रोड से लगी कॉलोनियों के निवासी लंबे समय से इस मार्ग पर ओवरब्रिज बनाने की मांग कर रहे थे। बढ़ते ट्रैफिक दबाव के कारण लोगों को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। तकनीकी दिक्कतों के चलते यह योजना कई बार आगे नहीं बढ़ सकी। आखिरकार अक्टूबर 2026 में निर्माण को मंजूरी मिल गई। अब टेंडर जारी होने के बाद परियोजना के धरातल पर उतरने का इंतजार है।

