Madhya Pradesh Financial Irregularities: मध्य प्रदेश में वित्तीय अनियमितताओं के खिलाफ जांच जारी है। मामले में 392 अधिकारी-कर्मचारी जांच के घेरे में हैं। इनमें मुख्य नगर पालिका अधिकारी स्तर के 135 अधिकारी भी शामिल है। सात कर्मचारियों को नौकरी से बर्खास्त किया जा चुकी है। यह जानकारी शहरी विकास एवं आवास विभाग के अतिरिक्त मुख्य
Madhya Pradesh Financial Irregularities: मध्य प्रदेश में वित्तीय अनियमितताओं के खिलाफ जांच जारी है। मामले में 392 अधिकारी-कर्मचारी जांच के घेरे में हैं। इनमें मुख्य नगर पालिका अधिकारी स्तर के 135 अधिकारी भी शामिल है। सात कर्मचारियों को नौकरी से बर्खास्त किया जा चुकी है। यह जानकारी शहरी विकास एवं आवास विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव संजय दुबे ने दी।
अतिरिक्त मुख्य सचिक के मुताबिक, 146 अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई हुई है। जो कर्मचारी जांच के दायरे में है, उनकी जांच की जा चुकी है। फिलहाल, जांच की प्रक्रिया अभी भी जारी है।
कहीं राशि की वसूली, कहीं वेतन वृद्धि रोकी
संजय दुबे ने बताया कि मामलों के आधार पर कार्रवाई की जा रही है। जैसे कि, कुछ लोगों से राशि की वसूली की गई है, जबकि कुछ की वेतन बढ़ोतरी रोकी गई है। कुछ अधिकारियों को डिमोट किया गया है और कुछ कर्मचारियों को नौकरी से बर्खास्त किया गया है।
80 से ज्यादा ठेकेदारों पर भी कार्रवाई
विभाग ने गलत तरीके या निर्धारित दरों पर सामान उपलब्ध कराने के आरोप में 80 से अधिक ठेकेदारों और आपूर्तिकर्ता भी जांच के घेरे में है। जिनके खिलाफ कार्रवाई हुई है। अतिरिक्त मुख्य सचिव ने कहा कि वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े मामलों की जांच अब भी जारी है।
निगरानी के लिए तकनीक और एआई का इस्तेमाल
राज्य सरकार वित्तीय अनियमितताओं पर नजर रखने के लिए एआई का इस्तेमाल कर रही है। जिससे सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता तय की जा सकें। इन तरीकों से योजनाओं का लाभ जरूररतमंद हितग्राहियों तक पहुंच सके। सरकार का मानना है कि, जनता के पैसे का सही इस्तेमाल तय़ करने और वित्तीय गड़बड़ियों पर रोक लगाने के लिए कार्रवाई अंतत जारी रहेगी।

