भिलाई में अभिनेता सोनू सूद का भव्य स्वागत, सामाजिक सेवा के संदेश से जीता लोगों का दिल
**भिलाई, 27 जून।** छत्तीसगढ़ के भिलाई शहर में प्रसिद्ध अभिनेता एवं समाजसेवी Sonu Sood के आगमन से लोगों में उत्साह का माहौल देखने को मिला। शनिवार को वे भिलाई स्थित एक होटल में पहुंचे, जहां उनका आत्मीय स्वागत किया गया। इस दौरान उनकी मुलाकात छत्तीसगढ़ी फिल्म प्रमोटर विकास यादव से भी हुई।

मुलाकात के दौरान सोनू सूद ने अपने सामाजिक कार्यों और **सूद चैरिटी फाउंडेशन** के माध्यम से देशभर में किए जा रहे सेवा कार्यों की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि उनकी संस्था शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, जरूरतमंदों की सहायता और आपदा के समय राहत कार्यों में लगातार सक्रिय है। उन्होंने छत्तीसगढ़ की जनता से भी अधिक से अधिक संख्या में सामाजिक कार्यों से जुड़ने और जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे आने की अपील की।
सोनू सूद ने विशेष रूप से कहा कि समाज तभी मजबूत बनता है जब सक्षम व्यक्ति जरूरतमंदों का हाथ थामते हैं। उनका मानना है कि किसी भी व्यक्ति की सबसे बड़ी पहचान उसके द्वारा किए गए मानव सेवा के कार्य होते हैं।

गौरतलब है कि **कोविड-19 महामारी** के दौरान सोनू सूद ने हजारों प्रवासी मजदूरों को उनके घर पहुंचाने, जरूरतमंदों को भोजन, दवाइयां और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने का कार्य किया था। इसके बाद भी उन्होंने गरीब छात्रों की शिक्षा, बेरोजगार युवाओं को रोजगार, गंभीर मरीजों के इलाज तथा जरूरतमंद परिवारों की सहायता जैसे अनेक सामाजिक अभियानों को लगातार जारी रखा है। इन्हीं कार्यों के कारण वे केवल एक अभिनेता ही नहीं बल्कि लाखों लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुके हैं।

भिलाई में उनके आगमन को लेकर प्रशंसकों में विशेष उत्साह देखने को मिला। बड़ी संख्या में लोग उनकी एक झलक पाने और उनसे मुलाकात करने के लिए पहुंचे। लोगों ने उनके सामाजिक योगदान की सराहना करते हुए उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ी फिल्म प्रमोटर विकास यादव ने भी सोनू सूद के समाजसेवा के कार्यों की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनका जीवन यह संदेश देता है कि प्रसिद्धि का सबसे अच्छा उपयोग मानवता की सेवा में किया जाना चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि सोनू सूद का यह दौरा प्रदेश के युवाओं और समाजसेवियों को भी जनहित के कार्यों के लिए प्रेरित करेगा।
भिलाई में अभिनेता सोनू सूद की यह यात्रा केवल एक औपचारिक मुलाकात तक सीमित नहीं रही, बल्कि समाजसेवा, मानवता और जनकल्याण का संदेश देने वाली एक प्रेरणादायक पहल के रूप में याद की जाएगी।

