मानसून की बेरुखी से बढ़ी किसानों की चिंता, 300 से ज्यादा जिलों के लिए सरकार का बड़ा प्लान
नई दिल्ली। देश में मानसून की धीमी रफ्तार ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। कई राज्यों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है, जिससे खरीफ फसलों की बुआई प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए केंद्र सरकार ने 300 से अधिक जिलों के लिए विशेष आकस्मिक (कंटिजेंसी) योजना तैयार की है ताकि कम वर्षा की स्थिति में किसानों को नुकसान से बचाया जा सके।
कृषि मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, देश के कई हिस्सों में मानसून की गतिविधियां अपेक्षित स्तर तक नहीं पहुंची हैं। विशेष रूप से उन क्षेत्रों में जहां धान, सोयाबीन, मक्का और दलहन की खेती बड़े पैमाने पर होती है, वहां किसान बारिश का इंतजार कर रहे हैं। समय पर पर्याप्त वर्षा नहीं होने से बुआई में देरी हो सकती है, जिसका असर उत्पादन पर पड़ सकता है।

सरकार ने राज्य सरकारों के साथ मिलकर ऐसी रणनीति तैयार की है, जिसके तहत किसानों को कम पानी में तैयार होने वाली फसलों की जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा बीज, उर्वरक और सिंचाई सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। कृषि वैज्ञानिकों का मानना है कि यदि अगले कुछ सप्ताह में अच्छी बारिश होती है तो स्थिति में सुधार संभव है, लेकिन लंबे समय तक बारिश की कमी बनी रहने पर कृषि क्षेत्र को चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।
इस बीच मौसम विभाग ने कहा है कि देश के कुछ हिस्सों में आगामी दिनों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। हालांकि कई क्षेत्रों में अभी भी सामान्य से कम वर्षा की संभावना बनी हुई है। विभाग लगातार मौसम की निगरानी कर रहा है और किसानों को नियमित रूप से अपडेट जारी किए जा रहे हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि जल संरक्षण और वैकल्पिक खेती के तरीकों को अपनाकर नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है। ग्रामीण क्षेत्रों में तालाबों, जलाशयों और वर्षा जल संचयन संरचनाओं के बेहतर उपयोग पर भी जोर दिया जा रहा है।
किसानों को सलाह दी गई है कि वे स्थानीय कृषि विभाग और कृषि विज्ञान केंद्रों से संपर्क में रहें तथा मौसम के अनुसार खेती संबंधी निर्णय लें। सरकार का दावा है कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त तैयारी की जा रही है ताकि किसानों की आजीविका और खाद्य सुरक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।

मुख्य बातें
300 से अधिक जिलों के लिए विशेष योजना तैयार।
कई राज्यों में सामान्य से कम बारिश दर्ज।
खरीफ फसलों की बुआई पर असर पड़ने की आशंका।
किसानों को कम पानी वाली फसलें अपनाने की सलाह।
मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में कुछ क्षेत्रों में बारिश बढ़ने की संभावना जताई।

