लेकिन सच्चाई तो ये है कि स्मोकिंग सिर्फ लंग्स को डैमेज नहीं करता बल्कि इससे हार्ट डिजीज, स्ट्रोक, हाई कोलेस्ट्रॉल और हार्ट हेल्थ का खतरा भी बढ़ जाता है. स्मोकिंग न करने वाले की तुलना में स्मोकिंग करने वाले लोगों में हार्ट डिजीज होने की संभावना चार गुना अधिक होती है. वहीं स्ट्रोक का खतरा भी दोगुना हो जाता है.
कई अध्ययनों में यह बात सामने आई है कि सिगरेट के धुएं में हजारों केमिकल्स होते हैं जो शरीर में मौजूद ब्लड सेल्स को नुकसान पहुंचा सकते हैं और कोलेस्ट्रॉल लेवल को बढ़ा सकते हैं. कोलेस्ट्रॉल के बढ़ने से आर्टरीज में ब्लॉकेज होने की संभावना भी बढ़ जाती है. स्मोकिंग और कोलेस्ट्रॉल का सीधा संबंध है जो हार्ट के लिए नुकसानदायक हो सकता है.
स्मोकिंग और कोलेस्ट्रॉल में क्या है कनेक्शन
स्मोकिंग करने से शरीर में कई तरह के बदलाव आते हैं. हेल्थलाइन के अनुसार स्मोकिंग लंग्स को नुकसान पहुंचा सकता है साथ ही अस्थमा, कैंसर और हार्ट हेल्थ को भी प्रभावित कर सकता है. इसके अलावा सिगरेट के धुएं से शरीर में कोलेस्ट्रॉल बढ़ सकता है. कई मामलों में शरीर में ब्लड क्लॉट और ब्लड वैसल्स के सुकड़ने की समस्या भी देखी गई है. स्मोकिंग करने से एचडीएल कोलेस्ट्रॉल की क्षमता भी कम हो जाती है. जिसका सीधा असर हार्ट पर पड़ता है.
क्या स्मोकिंग से बढ़ सकता है हार्ट अटैक का रिस्क
स्मोकिंग का प्रभाव सिर्फ हाई कोलेस्ट्रॉल तक ही नहीं रुकता बल्कि इससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा भी कई गुना बढ़ सकता है. स्मोकिंग शरीर के एलडीएल कोलेस्ट्रॉल लेवल को बढ़ा सकता है और एचडीएल कोलेस्ट्रॉल लेवल को कम कर सकता है. समय के साथ ये ब्लड वेसल्स और आर्टरीज में सूजन पैदा कर सकता है जिससे प्लाक बन जाते हैं. जब आर्टरीज में प्लाक होता है तो हार्ट को पंप करने में कठिनाई आने लगती है. इससे हार्ट को अधिक फोर्स लगाना पड़ता है जिसके परिणामस्वरूप हार्ट डिजीज हो सकती हैं.
स्मोकिंग छोड़ने के लिए अपनाएं ये तरीके
– दवाएं: सिगरेट की क्रेविंग कम करने के लिए
– एक्सरसाइज: एक्सरसाइज करने से सिगरेट के प्रभाव को कम किया जा सकता है.
– डॉक्टर की मदद: सिगरेट छुड़वाने में डॉक्टर की मदद लें.
– रहें मोटिवेटेड: मोटिवेटेड रहने के लिए परिवार वालों की मदद लें.
– बदलें संगत: सिगरेट पीने वालों की संगती को छोड़ना होगा.
– चबाएं च्यूइंगम: सिगरेट की क्रेविंग को कम करने के लिए चबाएं च्यूइंगम.

