तालचेर, ओडिशा : – अखिल भारतीय ठेका मजदूर महासंघ (ABTMM), जो कि भारतीय मजदूर संघ (BMS) से संबद्ध है,का तालचेर ,जिला अंगुल (ओड़िसा)में राष्ट्रीय अधिवेशन सफलता पूर्वक संपन्न किया।
इस अधिवेशन में ठेका मजदूरों के अधिकारों से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर गहन चर्चा हुई। इसमें वेतन संहिता (Wage Code) और सामाजिक सुरक्षा संहिता (Social Security Code) को तुरंत लागू करने की मांग प्रमुखता से उठाई गई।
अधिवेशन में भारतीय मजदूर संघ के केंद्रीय सचिव रामनाथ गणेशे, वेलु राधाकृष्णन, के. वी. राधाकृष्णन, ओडिशा BMS के महासचिव पृथ्वीराज पंडा, ABTMM महासचिव सचिन मेंगाळे, साथ ही तपन डे, देवेंद्र कौशिक, अनिल कुमार साहू, श्रीनिवास राव सहित कई प्रमुख पदाधिकारियों ने केंद्र सरकार से ठेका मजदूरों के न्यायसंगत वेतन और सामाजिक सुरक्षा के लिए इन संहिताओं को शीघ्र लागू करने की अपील की।
*मुख्य मांगें*:–
1. वेतन संहिता (Wage Code) को तुरंत लागू किया जाए – ताकि सभी ठेका मजदूरों को न्यूनतम वेतन, समय पर वेतन भुगतान और वेतन शोषण से सुरक्षा मिल सके।
2. सामाजिक सुरक्षा संहिता (Social Security Code) को प्रभावी रूप से लागू किया जाए – जिससे पेंशन, भविष्य निधि (PF), स्वास्थ्य बीमा, मातृत्व लाभ और अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाएं मजदूरों को उपलब्ध हो सकें।
3. ठेका प्रथा में हो रहे अन्याय और वेतन शोषण को रोकने के लिए सख्त नियम बनाए जाएं, विशेष रूप से असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के लिए।
4. मजदूर कल्याण बोर्ड और शिकायत निवारण प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाया जाए, ताकि मजदूरों को उनके अधिकारों के लिए न्याय मिल सके।
5. समान कार्य के लिए समान वेतन लागू किया जाए।
6. “एक देश, एक वेतन” नीति घोषित कर उसकी शीघ्रता से क्रियान्वयन किया जाए।
7. बोनस पात्रता सीमा और कर्मचारी राज्य बीमा योजना (ESI) की सीमा ₹42,000/- तक बढ़ाई जाए।
8. भविष्य निधि (PF) का लाभ वास्तविक वेतन पर दिया जाए और पेंशन को महंगाई भत्ते से जोड़ा जाए।
*वेतन संहिता और सामाजिक सुरक्षा संहिता का महत्व*:–
वेतन संहिता के लागू होने से मजदूरों को नियमित और न्यायसंगत वेतन मिलेगा, जिससे वेतन भुगतान में अनियमितता की समस्या समाप्त होगी।
सामाजिक सुरक्षा संहिता के लागू होने से ठेका मजदूरों को स्वास्थ्य सुविधाएं, सेवानिवृत्ति पेंशन और अन्य लाभ मिलेंगे, जिससे उनके परिवारों का भविष्य सुरक्षित होगा।
वर्तमान में ठेका प्रथा के कारण मजदूरों को अस्थिरता और शोषण का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन इन संहिताओं के लागू होने से उनके आर्थिक और सामाजिक जीवन में सुधार होगा।
अधिवेशन में अंतिम दिन आगामी तीन वर्ष के लिए नई कार्यकारिणी का चुनाव सम्पन्न हुआ है!
जिसमें तेलंगाना राज्य से अध्यक्ष के. श्रीनिवासन ,पुणे महाराष्ट्र से महामंत्री सचिन मेंगाले एवं छत्तीसगढ़ राज्य से सचिव पद पर देवेन्द्र कुमार कौशिक और अनिल कुमार साहू निर्वाचित हुए हैं!
इसी तरह पूरे कार्यकारिणी में सभी राज्यों से प्रतिनिधित्व दिया गया है!
*राष्ट्रीय आंदोलन की चेतावनी*:–
अखिल भारतीय ठेका मजदूर महासंघ (ABTMM) ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि वेतन संहिता और सामाजिक सुरक्षा संहिता को शीघ्र लागू नहीं किया गया, तो देशव्यापी आंदोलन किया जाएगा। इस देरी का सबसे अधिक दुष्प्रभाव कोयला खदान, औद्योगिक क्षेत्र, बिजली, इस्पात, परिवहन, नगर निगम, सरकारी और अर्ध-सरकारी क्षेत्रों के असंगठित मजदूरों पर पड़ रहा है।

इस अधिवेशन में मजदूरों के अधिकारों और सामाजिक न्याय के लिए संघर्ष जारी रखने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया।
*मजदूरों से अपील*:–
ABTMM के नवनिर्वाचित अध्यक्ष के. श्रीनिवासन और महासचिव सचिन मेंगाळे ने सभी ठेका मजदूरों से एकजुट होकर इस संघर्ष में सक्रिय रूप से भाग लेने की अपील की।
इस अधिवेशन में प्रमुख रूप से तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, ओडिशा, केरल, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, त्रिपुरा, राजस्थान, तमिलनाडु और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों के ठेका मजदूर संघों के प्रमुख पदाधिकारी और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
ऊपरोक्त अखिल भारतीय ठेका मजदूर महासंघ के 7 वें अधिवेशन की 22 -23 मार्च को सम्पन्न की जानकारी छत्तीसगढ़ संविदा मज़दूर महासंघ के प्रदेश महामंत्री अजय रेड्डी द्वारा दी गई !

