छत्तीसगढ़ के बस्तर में नक्सलियों ने सप्ताहभर के अंदर दूसरी बार शांतिवार्ता के लिए सरकार के सामने अपनी बात रखी है। नक्सली लीडर रूपेश ने पर्चा जारी कर कहा कि हम पूर्ण युद्धविराम कर देंगे, लेकिन सरकार साथ दे। सरकार की तरफ से सकारात्मक संकेत मिलते ही पूर्ण युद्धविराम अमल में आएगा।
इससे पहले सेंट्रल कमेटी ने पर्चा जारी कर स्वीकार किया था कि पिछले 15 महीनों में उनके 400 साथी मारे गए हैं। अगर नक्सलियों के खिलाफ ऑपरेशन रुकती है, तो हम शांतिवार्ता के लिए तैयार हैं। इस पर गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि वे शांतिवार्ता के लिए तैयार हैं, लेकिन इसके लिए कोई शर्त न हो।
कोई लीडर युद्ध का मैदान छोड़कर नहीं भागा
8 अप्रैल को नक्सली लीडर ने पर्चा जारी कर कहा कि हमारा कोई भी बड़ा लीडर डर की वजह से बस्तर या फिर युद्ध का मैदान छोड़कर पड़ोसी राज्य नहीं भागा है। संगठन के कामों के लिए एक राज्य से दूसरे राज्य आना-जाना करते हैं। पुलिस के लिए कहा कि जनता और नक्सल कैडर के लोग उनके अपने हैं। उन पर गोली न चलाएं।
सभी जानते हैं कि अनुकूल माहौल के बिना वार्ता संभव नहीं होगी। फिर इसका यह मतलब है कि सरकार ने जो भी तरीका अपनाया है उसे ही जारी रखना चाहती है।
साथियों से मिलकर लेना है निर्णय
रूपेश ने कहा है शांतिवार्ता की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने संबंधित निर्णय लेने के लिए हम कुछ नेतृत्वकारी साथियों से मिलना चाहते हैं। नेतृत्व की राय लेनी भी जरूरी है। लगातार चल रहे हैं अभियानों के बीच में यह नहीं हो पाएगा। अनुकूल माहौल के लिए अभियान को रोकना जरूरी है। वार्ता की प्रक्रिया को अंजाम तक पहुंचाने के लिए अनुकूल माहौल बनाना जरूरी है।



