धान उपार्जन केंद्र में मौशम ने ढाया कहर उपार्जित धान भीगा दोषी प्रबंधक के ऊपर हो सकती है कार्यवाही जिला कलेक्टर ने कही ये बात
अतुल श्रीवास्तव,मुंगेली:-छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वपूर्ण योजनाओं में से एक धान खरीदी है जो बहुत ही संवेदनशील बन गया है। धान खरीदी के समय सरकार से लेकर प्रशासन भी चुस्त दुरुस्त होकर धान खरीदने का काम करते हैं
ताकि सरकार व किसान दोनों को नुकसान न हो इसके लिए खरीदी से पहले तैयारी की जाती है। जिले में धान खरीदी के लिए 97 धान उपार्जन केंद्र बनाए गए हैं जिसमें मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा धान खरीदी में रख रखाव से लेकर खरीदी में किसी प्रकार की गड़बड़ी न हो इसलिए हर जिले में कलेक्टर को आदेशित किया गया है कि धान खरीदी में कहीं कोई चूक न हो जिसमें हर उपार्जन केंद्र प्रबन्धक को 70000 रू धान को बारिश और नमीं से बचाने के लिए उनके खाते में दिया गया इसके बावजूद मुख्यमंत्री बघेल जी की इतनी बड़ी योजना में पानी फिर गया। मौसम विभाग ने पहले ही चेतावनी दे थी उसके बाद भी लापरवाही बरती गई जिसके कारण लगभग हर केंद्र में हजारों बोरियां धान पानी में भीग गई।लापरवाही इस हद तक देखने को मिला धान रखने के लिए जो चबूतरे बनाए हैं वो खाली पड़े हैं और धान की बोरियां जमीन में बिना त्रिपाल के रखा गया है, रही बात उपार्जन केंद्र की तो यहां हर रोज जनप्रतिनिधि से लेकर कलेक्टर तक किसानों की धान खरीदी के रख रखाव में किसी प्रकार की लापवाही न हो नजर बनाए हुये हैं, उसके बाद भी धान उपार्जन केंद्र कीहजारों बोरियां बारिश की पानी में भीगने से बचाई नहीं जा सकी।
कलेक्टर से जब इसके बारे चर्चा की गई तब उन्होंने कहा कि दोषी उपार्जित केंद्र को नोटिस जारी किया जायेगा एवं जहां सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गई है वहां पर अतिशीघ्र व्यवस्था की जायेगी।
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