हिंदी फिल्म जगत का धुरंधर फिल्म अब छत्तीसगढ़ का धुरंधर दंगल द वीरनपुर फिल्म।।
छत्तीसगढ़ी फिल्म इतिहास में सुनहरे अक्षरों पर लिखा जाएगा की छत्तीसगढ़ की धुरंधर फिल्म दंगल द वीरनपुर को विधायक ईश्वर प्रसाद साहू के द्वारा देखा गया और यह कहा गया कि यह फिल्म बहुत ही अच्छी फिल्म है
जिस तरह से पवन गांधी ने मेरी रोल अदा की है ईश्वर प्रसाद साहू की भूमिका में वह काफी अच्छी है मैं पूरी फिल्म की यूनिट को धन्यवाद व्यापित करता हूं जो कि मेरे घर की कहानी पर आधारित फिल्म को बनाया और आज दर्शकों के मध्य में सजा कर दिया लोकार्पण करने का समय आ गया है मैं समस्त छत्तीसगढ़ वासियों से अनुरोध करता हूं कि फिल्म दंगल द वीरनपुर फिल्म को अवश्य देखें और और मुझे आशीर्वाद प्रदान करें।
हेमलाल चतुर्वेदी रमेश कुमार नाग एवं पवन गांधी हीरो के द्वारा यह संयुक्त बयान आया कि इस तरह की सत्य घटनाओं पर आधारित जो हमने फिल्म बनाई है एक्टिंग की है वह बड़ी लाजवाब है इसकी स्क्रीनिंग हो चुकी है स्क्रीनिंग में राकेश कुमार साहू न्यूज़ एजेंसी जांजगीर-चंपा के द्वारा हमें एवं हमारी फिल्म को पूरी तरह से क्लीन चिट दिया है क्योंकि साफ सुथरी फिल्म है किसी भी प्रकार की ऑब्जेक्शन की संभावना ही नहीं है।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इस फिल्म को सेंसर बोर्ड के द्वारा जब मान्यता दे दिया गया सेंसर सर्टिफिकेट दे दिया गया है तो इस स्थिति में ऑब्जेक्शन लगाने की कोई आवश्यकता नहीं है सिनेमा देखने वाले अवश्य इस फिल्म को देखें क्योंकि यह किसी जीवन पर आधारित फिल्म है कैसे एक रिक्शा चलाने वाला आज विधायक बनकर अपने क्षेत्र की प्रतिनिधित्व करता है उसको इस फिल्म में दिखाया गया है कैसे विधायक बनता है रिक्शा चलाते-चलाते कैसे ईश्वर प्रसाद साहू के बेटे भुवनेश्वर प्रसाद साहू की हत्या कर दी जाती है घटित घटनाओं पर आधारित फिल्म है या फिल्म काफी अच्छी है लाजवाब फिल्म है।
यह फिल्म एक समाज को नई दिशा निर्धारण करने की बहस करती है और इस फिल्म की जो हीरोइन है शालिनी विश्वकर्मा पहली बार पत्नी की भूमिका पहली बार मां की भूमिका एवं कैसे बेटे के मरने के बाद रोती है याद में यह एक अच्छा उदाहरण है फिल्मों के लिए और हकीकत है यह काफी अच्छी फिल्म है।

