Train Ticket Refund Rules: अगर आपकी ट्रेन किसी कारण छूट गई या रद्द हो गई तो ऐसे में रिफंड को लेकर रेलवे की क्या प्रक्रिया है, जिससे टिकट का पूरा पैसा आसानी से रिफंड हो जाए। क्यों कि, आजकल के समय में लोग रेलवे आरक्षण केंद्र की भीड़ से बचने के लिए ऑनलाइन टिकट पर जोर दे रहे हैं। अक्सर कई बार ऐसा होता है कि, लोगों को इससे जुड़े प्रोसेस की जानकारी नहीं होती। उसके लिए यात्री आईआरटीसी की वेबसाइट या हेल्पलाइन नंबर पर जानकारी लेते हैं। पर कभी ऐसा भी होता है कि, वो जानकारी अधूरी रहती है।
इसके लिए रेलवे की तय शर्तों का पालन करना पड़ता है। जैसे कि, ई टिकट को हम रेल वन या आईआरटीसी पर जाकर बुक करते हैं। इसके लिए यात्री ऑनलाइन रिफंड करता है। वहीं, रेलवे आरक्षण केंद्र से जुड़े नियम अलग है। टिकट कैसिंल करवाने के लिए जो बुकिंग के वक्त टिकट मिलता है, उसे जमा कर रद्द करवाना पड़ता है। वेटिंग और RAC टिकट पर भी रिफंड के अलग नियम हैं।
टिकट की श्रेणी पर निर्भर करता है भुगतान
रेलवे नियमों के अनुसार, टिकट रद्द करवाने पर कितना पैसा वापस मिलेगा, यह टिकट की श्रेणी, उसे रद्द कराने के समय और बुकिंग के तरीके पर निर्भर करता है। इसलिए, टिकट कैंसिल करने से पहले समयसीमा और कटने वाले शुल्क की जानकारी होना जरूरी है।
ट्रेन रद्द या तीन घंटे से ज्यादा लेट होने पर पूरा रिफंड
ट्रेन रद्द होने की स्थिति में अलग से TDR दाखिल नहीं करना पड़ता। बशर्ते टिकट के पैसे खुद से ही अकाउंट में आ जाते हैं। अगर ट्रेन निर्धारित समय से तीन घंटे देरी से चलने की वजह यात्री सफर नहीं करता। ऐसे में उसे पूरा किराया वापस मिल सकता है। ई-टिकट के मामले में TDR दाखिल करना जरूरी है।
वेटिंग और RAC टिकट पर कितना कटेगा?
वेटिंग और RAC टिकट रद्द पर प्रति यात्री 60 रुपये क्लर्केज शुल्क कटता है। इसके लिए ट्रेन के तय समय से छूटने के 30 मिनट पहले तक टिकट रद्द कराना जरूरी है। अगर ई-टिकट पूरी तरह वेटिंग में है और चार्ट बनने के बाद भी कन्फर्म नहीं होता, तो वह अपने आप रद्द हो जाता है। ऐसी स्थिति में तय राशि काट कर बाकी राशि वापस की जाती है।
काउंटर टिकट रद्द कराने के नियम
रेलवे स्टेशन के आरक्षण काउंटर से रिजर्वेशन करवाने पर समयसीमा में मूल टिकट जमा करके रद्द किया जाता है। असल में ट्रेन छूटने से चार घंटे पहले तक रद्द कराने पर रिफंड का प्रावधान है। टिकट ट्रेन के निर्धारित प्रस्थान से 30 मिनट पहले तक रद्द हो सकता है।
रिफंड के लिए कौन से दस्तावेज जरूरी?
ई-टिकट को रद्द करने के लिए IRCTC अकाउंट और टिकट की जानकारी पर्याप्त है। अलग से दस्तावेज जमा करने की जरूरत नहीं होती। काउंटर टिकट रद्द कराने के लिए मूल टिकट जरूरी है। वहीं, विशेष परिस्थितियों में रिफंड के लिए TDR या दूसरे दस्तावेज मांगे जा सकते हैं।

