महाविद्यालय में रक्तदान शिविर का सफल आयोजन, 22 यूनिट रक्तदा
रायपुर, 27 अक्टूबर 2026
शहर के महाविद्यालय में आज मानवता और सेवा का अनुपम उदाहरण देखने को मिला। महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. प्रीति शर्मा के कुशल मार्गदर्शन में यूथ रेड क्रॉस सोसाइटी और राष्ट्रीय सेवा योजना (एन.एस.एस.) के संयुक्त तत्वावधान में एक दिवसीय रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया।

यह शिविर मॉडल ब्लड बैंक सेंटर, डॉ. भीमराव अंबेडकर स्मृति चिकित्सालय, रायपुर के सहयोग से संपन्न हुआ। चिकित्सालय से आई विशेषज्ञ चिकित्सा टीम ने पूरे कार्यक्रम को वैज्ञानिक और सुरक्षित तरीके से संचालित किया।
भ्रांतियों को किया दूर
शिविर के प्रारंभ में विशेषज्ञों द्वारा छात्र-छात्राओं को रक्तदान के महत्व और फायदों के बारे में विस्तार से बताया गया। उन्होंने समाज में फैली कई भ्रांतियों जैसे – रक्तदान केवल एक बार ही किया जा सकता है, इससे कमजोरी आती है या स्वास्थ्य बिगड़ता है – को तथ्यों के साथ दूर किया।

विशेषज्ञों ने बताया कि एक स्वस्थ व्यक्ति, जिसकी उम्र 18 से 65 वर्ष के बीच है, वजन 45 किलोग्राम से अधिक है, रक्त में किसी प्रकार का विकार नहीं है और हीमोग्लोबिन 12.5 ग्राम से अधिक है, वह नियमित अंतराल पर स्वेच्छा से रक्तदान कर सकता है। रक्तदान न केवल किसी जरूरतमंद की जान बचाता है, बल्कि दाता के शरीर में नए रक्त का निर्माण भी करता है।
कड़ी जांच के बाद ही रक्तदान
सभी रक्तदाताओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई। चिकित्सा टीम द्वारा प्रत्येक दाता के हीमोग्लोबिन, रक्तचाप (BP), वजन और अन्य आवश्यक स्वास्थ्य मानकों की गहन जांच की गई। जांच में योग्य पाए गए दाताओं ने ही रक्तदान किया।

इस पुनीत कार्य में महाविद्यालय के कर्मचारी, अधिकारी, छात्र-छात्राओं के साथ-साथ उनके परिजनों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
22 यूनिट रक्त एकत्र
शिविर में कुल 22 यूनिट रक्तदान किया गया। मॉडल ब्लड बैंक के कर्मचारियों ने इस सफल आयोजन के लिए महाविद्यालय परिवार का आभार व्यक्त किया और कहा कि युवाओं में इस तरह की जागरूकता समाज के लिए प्रेरणादायी है।
शिविर में जे.एन.एम. हॉस्पिटल रायपुर के मेडिकल ऑफिसर डॉ. सूचिव्रत पांडे, डॉ. साकेत, डॉ. सलीका तथा सहयोगी स्टाफ श्री विनोद कुमार, श्रीमती वर्षा चौधरी, श्री शोभाराम साहू, श्री शिव साहू और कु. करिश्मा पान का विशेष सहयोग रहा।

कार्यक्रम की संयोजक डॉ. सौम्या रामटेके, कार्यक्रम अधिकारी डॉ. युगबोध पटले तथा समिति के सदस्य डॉ. मनीष बोस, श्री चंद्रशेखर पांडे, श्री मितुल गुप्ता और सुश्री पूजा गोस्वामी ने पूरे आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

