शहीद नंदकुमार पटेल शास. महाविद्यालय बीरगांव, रायपुर (छ.ग.) में आज दिनांक 22.11.2022 को प्राचार्य डॉ. प्रीति तिवारी की अध्यक्षता में राष्ट्रीय सेवा योजना के तत्वाधान में राष्ट्रीय सेवा योजना जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में डॉ.समरेन्द्र सिंह, प्राचार्य, शास. आदर्श महा.अटारी (पूर्व राज्य एन.एस.एस. अधिकारी) को आमंत्रित किया गया।
उक्त कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ.समरेन्द्र सिंह, प्राचार्य, शास. आदर्श महा.अटारी (पूर्व राज्य एन.एस.एस. अधिकारी) का पुष्पगुच्छ से स्वागत प्राचार्य डॉ. प्रीति तिवारी द्वारा किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्ष महोदया का पुष्पगुच्छ से एन.एस.एस. कार्यक्रम अधिकारी श्री प्रकाश भारद्वाज, सहा.प्रा.(अर्थशास्त्र) द्वारा स्वागत किया गया है। मुख्य अतिथि का परिचय डॉ. ज्ञानेन्द्र शुक्ला, सहा.प्रा. (कामर्स) द्वारा किया गया। मुख्य अतिथि डॉ. समरेन्द्र सिंह द्वारा राष्ट्रीय सेवा योजना विषय पर व्याख्यान दिया गया जिसमें उन्होंने भारतीय शिक्षा प्रणाली व वर्तमान शिक्षा प्रणाली पर तुलनात्मक विवेचना करते हुये एन.एस.एस. की महत्ता को उजागर किया साथ ही एन.एस.एस. छात्रों का चहुमुखी विकास में योगदान देती है इसे उन्होंने अपने जीवन के विभिन्न अनुभवों को साझा करते हुये प्रमाणित किया।
उक्त कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुये डॉ. प्रीति तिवारी ने अपने उद्बोधन में एन.एस.एस. कार्यक्रम के द्वारा समाज में जागरूकता व पर्यावरण का संरक्षण व संवर्धन जैसा महत्वपूर्ण कार्य किस प्रकार से होता है इस पर अपने पूर्व के महाविद्यालयीन जीवन के अनुभवों पर प्रकाश डाला। एन.एस.एस. में आयोजित होने वाले कैम्प के प्रति छात्रों के जीवन में होने वाले सकारात्मक परिवर्तनों से अवगत कराया। तत्पश्चात् प्रतीक चिन्ह के रूप में मुख्य अतिथि को पौधा प्राचार्य डॉ. प्रीति तिवारी द्वारा भेंट किया गया।

डॉ. एच.एल.वर्मा, सहा.प्रा. (राजनीतिशास्त्र) द्वारा कार्यक्रम के मुख्य अतिथि व अध्यक्ष की विशेष सराहना एवं आभार व्यक्त किया गया एवं एन.एस.एस. कार्यक्रम अधिकारी श्री प्रकाश भारद्वाज, सहा.प्रा.(अर्थशास्त्र) व समस्त प्राध्यापकों एवं छात्रों के प्रति धन्यवाद व्यक्त किया गया। उक्त कार्यक्रम का संचालन श्रीमती सौम्या रामटेके, सहा.प्रा. (अंग्रेजी) द्वारा किया गया है जिसमें समस्त प्राध्यापक व छात्र-छात्राओं की सहभागिता रहीं व व्याख्यान सभा कक्ष छात्र-छात्राओं की अधिकाधिक संख्या से भरी थी।

