रायपुर में दो दिवसीय NQAS-IPHL प्रशिक्षण सफलतापूर्वक संपन्न
रायपुर। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, छत्तीसगढ़ के तत्वावधान में 10 एवं 11 फरवरी 2026 को होटल बैबिलॉन इन, रायपुर में दो दिवसीय NQAS-IPHL प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य जिला स्तर की प्रयोगशालाओं में गुणवत्ता मानकों को सुदृढ़ करना तथा NQAS प्रमाणन की दिशा में संस्थानों को सक्षम बनाना रहा।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री रणबीर शर्मा, प्रबंध संचालक, NHM छत्तीसगढ़ रहे। इस अवसर पर डॉ. एस. के. पाम्भोई, संयुक्त संचालक, NHM, डॉ. शशिकांत स्वर्णकार, उप संचालक (अस्पताल प्रशासन), डॉ. अभ्युदय तिवारी, सहायक संचालक, NHM, डॉ. प्रदीप टंडन, राज्य कार्यक्रम प्रबंधक, NHM, श्री आनंद साहू, कार्यक्रम प्रबंधक, NHM, तथा श्री संतोष सिंह, राज्य HIMS प्रबंधक विशेष रूप से उपस्थित रहे।

प्रशिक्षण में विषय विशेषज्ञ के रूप में डॉ. अवंतिका शुक्ला (एम.डी. माइक्रोबायोलॉजी), मुंबई तथा डॉ. नेहा सरजल, पी.टी. जे.एन.एम. मेडिकल कॉलेज, रायपुर ने प्रयोगशाला गुणवत्ता प्रबंधन, मानक प्रक्रियाओं तथा IPHL चेकलिस्ट के विभिन्न आयामों पर विस्तृत जानकारी प्रदान की।
कार्यक्रम के संचालन एवं तकनीकी सहयोग में डॉ. नवनीत रंजन, सीनियर मैनेजर, FIND, अंजय गुप्ता, माइक्रोबायोलॉजिस्ट, FIND, तथा देवेंद्र देवांगन, प्रोजेक्ट एसोसिएट, FIND, की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व जून 2025 में FIND द्वारा सीमेंस के CSR पहल के तहत एवं NHM छत्तीसगढ़ के सहयोग से रायपुर, दुर्ग एवं बलौदा बाजार जिलों के लिए प्रथम NQAS-IPHL प्रशिक्षण आयोजित किया गया था। प्रशिक्षण के पश्चात सतत हैंडहोल्डिंग एवं तकनीकी सहयोग के परिणामस्वरूप रायपुर जिला अस्पताल की प्रयोगशाला देश की पहली NQAS-IPHL प्रमाणित प्रयोगशाला बनी, जबकि बलौदा बाजार जिला अस्पताल की प्रयोगशाला देश की दूसरी NQAS-IPHL प्रमाणित IPHL लैब के रूप में स्थापित हुई। यह उपलब्धि राज्य के लिए गौरव का विषय रही।

दो दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को NQAS-IPHL के आठ प्रमुख घटकों, गुणवत्ता सुधार उपायों तथा प्रयोगशाला सेवाओं के सुदृढ़ीकरण पर व्यावहारिक मार्गदर्शन दिया गया। कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों ने अपने-अपने संस्थानों में गुणवत्ता सुधार प्रक्रिया को प्रभावी रूप से लागू करने का संकल्प लिया।
यह प्रशिक्षण राज्य की प्रयोगशाला सेवाओं को राष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों के अनुरूप सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगा।

