सहारनपुर के कोर्ट रोड पर पाश्र्वनाथ प्लाजा के सामने बर्गर बनाकर बेचते हैं. 28 सालो से वह ये काम कर रहे हैं. जिससे उन्हें अच्छी आमदनी हो जाती है.
इंसान के मन में यदि कुछ करने की ललक हो तो वो छोटा काम कर के भी अच्छे से जीवनयापन कर सकता है. इसके लिए जरूरत है मेहनत, लगन और इमानदारी के साथ काम करने की. उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जनपद के पिछले कई वर्षों से रेहड़ी पर बर्गर बना कर बेचने का काम करते हैं. इसके दम पर उन्होंने शहर में अपना मकान बना लिया है. इस काम के बलबूते वो अपने परिवार का पालन पोषण कर खुशी से जीवन व्यतीत कर रहे हैं. उन युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं, जिनके मन में कोई बड़ा व्यापार कर के अमीर बनने की सनक सवार होती है.
सहारनपुर के कोर्ट रोड पर पार्श्वनात प्लाजा के सामने बर्गर बना कर बेचते हैं. उन्होंने बताया कि पिछले 28 वर्षों से वो यह काम कर रहे हैं. इससे उन्हें अच्छी आमदनी हो जाती है. नानौता क्षेत्र के तिलाफरा गांव निवासी राकेश कुमार ने बताया कि वो प्रतिदिन शाम 5 बजे से रात के 10 बजे तक अपने अन्य दो लड़कों के साथ बर्गर बना कर ग्रहकों को बेचते हैं. उनका बनाया बर्गर काफी पसंद किया जाता है
पहले हमने अपने प्रोडक्ट का नाम हॉट डॉग रखा था, जिसे बाद में बदल कर बर्गर का नाम दिया गया. इसके पीछे की वजह बताते हुए मजाकिया अंदाज में कहा कि लोग हॉट डॉग को गर्म कुत्ता नाम को लेकर थोड़ा तफरी लेते थे. इसलिए हमने इसका नाम बदल कर बर्गर रख दिया.
दुकान पर तीन तरह के बर्गर तैयार किये जाते हैं. इसमें आलू, टमाटर, पनीर, मक्खन व मिर्च-मसाले का प्रयोग किया जाता है. उन्होंने बताया कि साधारण बर्गर की कीमत 40 रुपये, पनीर वाले बर्गर की कीमत 50 रुपये तथा पनीर व मक्खन से तैयार बर्गर की कीमत 60 रुपये रखी गई है.
उन्होंने बताया कि शाम 5 बजे से रात 10 बजे तक वो 150-200 बर्गर की दुकानदारी कर लेते हैं. इससे उन्हें अच्छी कमाई होती है. जब उन्होंने 28 साल पहले यह काम शुरू किया था, तब बर्गर की कीमत 5 रुपये होती थी. लेकिन, समय और महंगाई के साथ इसके दाम में बदलाव हुआ. बर्गर की गुणवत्ता में भी काफी बदलाव हुआ है.

