रणजीतपुर समिति में 118 किसानों के साथ हुआ 87 लाख का जो घोटाला हुआ था।किसानों ने लंबी लड़ाई लड़कर पहले आरोपी प्रबंधक को जेल भिजवाया और आज उनके खून पसीने की कमाई जो प्रबंधक ने डकार लिया था वो अब उनके खाता जमा होना शुरू हो गया है।ये भारतीय किसान संघ और किसानों की बड़ी जीत है।किसानों को ये भी याद रखने की जरूरत है कि इस पूरे घोटाले में सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ही दलों ने मौन साध लिया था। किसान भाई इसे हमेशा याद रखे।