मानसिक तनाव पर कार्यशाला का आयोजन
रायपुर.ज्ञानाश्रय नर्सरी स्कूल (अग्रसेन चौक) ने शिक्षकों के लिए मानसिक तनाव पर कार्यशाला का आयोजन किया। परीक्षा का तनाव बच्चों पर ही नहीं शिक्षकों पर भी होता है, जिसमें साल भर पढ़ाया हुआ विषय बच्चों के पेपर के रूप में सामने आता है।

डॉ मंजिरी बक्षी, जो कि शिक्षाविद, काउंसलर, लेखिका, NLP मास्टर प्रैक्टिक्शनर एवं हैप्पीनेस कोच है, मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित थी। उन्होंने कहा कि ईमानदारी आत्मसात करना एवं बच्चों को सिखाना यह शिक्षकों का पहला कर्तव्य है। खुद के काम पर पूरा विश्वास होने से मानसिक तनाव शून्य हो जाता है। बच्चे हमारा भविष्य है एवं हमारा ही भविष्य इमानदार, भ्रष्टाचार मुक्त हो यह शिक्षकों की पहली जवाबदारी बनती है।

ट्यूशन के नाम से बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ न करें, यह उनकी राय थी। हमेशा खुश रहने से अच्छी अच्छी बातें सीखने में आसानी होती है जिससे बच्चों का भी फायदा होता है। उन्होंने शिक्षकों से कहा कि वे कितने भी तनाव में रहे हमेशा अपने आप को पॉजिटिव रखें, विपरीत परिस्थितियों में भी कार्य किया जा सकता है. इसके लिए उन्होंने विभिन्न महापुरुषों के उदाहरण से समझाया कि कैसे संघर्ष करते हुए आगे बढ़े और उन्होंने अपना मुकाम हासिल किया.

शाला की प्राचार्या वैभवी हिशीकर ने स्मृति चिन्ह प्रदान कर उनका आभार व्यक्त किया। शाला के संचालक विजय हिशीकर ने धन्यवाद ज्ञापन कर सबके उज्जवल भविष्य की कामना की । सारे शिक्षकों ने ऐसे आयोजन बारंबार होते रहे ऐसी कामना कर, जोश के साथ काम करने की शपथ ली।

