एंकर :- आदिवासी छात्रावास की बालिकाओं को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का मामला सामने आया है, छात्रवास में रहकर पढ़ने वाली चार पहाड़ी कोरवा छात्राओं ने आश्रम अधीक्षिका की प्रताड़ना से तंग आ कर रात 12 बजे होस्टल से भाग कर अपने घर पहुँच गई, इस मामले में अब जाँच की बात कही जा रही है…….
धर्मेंद्र शर्मा की घटनास्थल से ताजा ग्राउंड जीरो के रिपोर्ट
वीओ :- बगीचा के पत्ताकेला छात्रावास से आधी रात को भागने वाली तीसरी और चौथी कक्षा में पढने वाली पहाड़ी कोरवा छात्राओं के मामले में जांच शुरू हो गई है। हॉस्टल अधीक्षिका की प्रताड़ना से तंग होकर छात्राओं के भागने की यह घटना एक सप्ताह पुरानी है। आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त ने बीके राजपूत ने मामले को गंभीर बताते हुए जांच के निर्देश दिए हैं।
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छात्रावास से भागकर घर पहुंची छात्राओं ने बताया कि छात्रावास की अधीक्षिका से जब वे तेल, साबुन जैसी बुनियादी सुविधाएं मांगती है, तो अधीक्षिका उन्हें खरी खोटी सुनाती है। कुछ दिन पहले अधीक्षिका का कुछ समान चोरी हो गया तो उसका आरोप भी अधीक्षिका ने छात्राओं के ऊपर पर मढ़ दिया। रोज-रोज की उलाहना और डांट फटकार से तंग आकर पहाड़ी कोरवा छात्राएं एक सप्ताह पहले रात करीब 12 बजे छात्रावास से भागकर अपने घर आ गईं। छात्राओं के माता पिता का कहना है कि उनकी बेटियां रात 2 बजे घर पहुंची। इस बीच अगर कुछ अनहोनी होती तो इसका जिम्मेदार कौन होता। मामले में आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त बीके राजपूत ने कहा कि आधी रात को हॉस्टल से छात्राओं के भागने का मामला काफी गम्भीर है। हलाकि मिडिया में बात आने के बाद विभाग इस मामले को लेकर गंभीर हो गया है

