साहू समाज का माता कर्मा जयंती महोत्सव: हवन-पूजन व शपथ ग्रहण समारोह के साथ भव्य कार्यक्रम सम्पन्न
राधिका साहू की रिपोर्टिंग साहू समाज द्वारा माता कर्मा जयंती का पर्व बड़े ही श्रद्धा, उत्साह और सामाजिक एकता के संदेश के साथ मनाया गया। इस अवसर पर आयोजित भव्य कार्यक्रम में समाज के वरिष्ठजनों, युवाओं, महिलाओं तथा बच्चों की उल्लेखनीय भागीदारी देखने को मिली। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण हवन-पूजन, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां तथा नवगठित पदाधिकारियों का शपथ ग्रहण समारोह रहा।
कार्यक्रम की शुरुआत माता कर्मा के आरती कर पुष्प अर्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुई। इसके पश्चात विद्वान पंडितों के मंत्रोच्चार के बीच विधिवत हवन-पूजन सम्पन्न कराया गया। श्रद्धालुओं ने समाज की उन्नति, सुख-समृद्धि और आपसी भाईचारे की कामना करते हुए आहुति दी। पूरे वातावरण में भक्तिमय संगीत और जयकारों की गूंज से आध्यात्मिक माहौल निर्मित हो गया।

इस दौरान समाज के वरिष्ठजनों ने माता कर्मा के जीवन एवं उनके आदर्शों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि माता कर्मा त्याग, सेवा और समर्पण की प्रतीक हैं। उनके बताए मार्ग पर चलकर समाज एकजुटता और प्रगति की दिशा में आगे बढ़ सकता है। वक्ताओं ने युवाओं से शिक्षा, सामाजिक सेवा और संगठन की मजबूती पर विशेष ध्यान देने की अपील की।

कार्यक्रम के अगले चरण में नवगठित समिति के पदाधिकारियों का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया गया। समाज के गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में सभी पदाधिकारियों ने समाज के विकास, परंपराओं के संरक्षण तथा जरूरतमंदों की सहायता के लिए ईमानदारी और निष्ठा से कार्य करने की शपथ ली। इस अवसर पर नवनियुक्त अध्यक्ष ने कहा कि वे समाज को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए सामूहिक प्रयास करेंगे और युवाओं को अधिक से अधिक जोड़ा जाएगा।
महिलाओं एवं बच्चों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए गए, जिसमें पारंपरिक नृत्य, गीत और नाट्य प्रस्तुति ने दर्शकों का मन मोह लिया। जिससे उपस्थित लोगों में प्रेरणा और उत्साह का संचार हुआ।

कार्यक्रम के अंत में विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें सभी समाजजनों ने मिलकर प्रसाद ग्रहण किया। पूरे आयोजन में अनुशासन, सहयोग और भाईचारे की मिसाल देखने को मिली। आयोजकों ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सभी सहयोगियों, युवाओं एवं समाज के सदस्यों का आभार व्यक्त किया।
इस प्रकार माता कर्मा जयंती के पावन अवसर पर आयोजित यह भव्य कार्यक्रम सामाजिक एकता, सांस्कृतिक परंपरा और संगठनात्मक मजबूती का प्रतीक बनकर सम्पन्न हुआ। समाज के लोगों ने भविष्य में भी ऐसे आयोजनों को और अधिक भव्य रूप देने का संकल्प लिया।

