श्री गजेंद्र सिंह राठौर को पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय द्वारा पीएचडी की उपाधि
पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय ने गजेंद्र सिंह राठौर को पीवी-बैटरी एनर्जी स्टोरेज बेस्ड सिस्टम के मॉडलिंग, सिमुलेशन और इम्प्लीमेंटेशन में अपने शोध कार्य के लिए पीएचडी की उपाधि प्रदान की है। उन्होंने अपना शोध हेमचंद यादव विश्वविद्यालय, दुर्ग के कुलपति प्रोफेसर संजय तिवारी के निर्देशन तथा एनआईटी, रायपुर के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. आर.एन. पटेल के सह-निर्देशन में पूर्ण किया।
चूंकि सौर ऊर्जा का उत्पादन मुख्य रूप से प्राकृतिक वातावरण पर निर्भर करता है और इनकी स्थिति सौर उत्पादित विद्युत ऊर्जा को प्रभावित कर सकती हैं, इसलिए सौर ऊर्जा को अनिश्चित उत्पादन स्रोत के रूप में गिना जाता है। सौर ऊर्जा में बैटरी भंडारण का प्रयोग करने से ग्रिड की स्थिरता और गुणवत्ता में वृद्धि होती है। उपरोक्त तकनीक के लिए पीवी मॉड्यूल और स्टोरेज सिस्टम के बीच MPPT कंट्रोलर की आवश्यकता होती है। इस शोध कार्य में MPPT कंट्रोलर को उन्नत तकनीक का इस्तेमाल कर डिजाइन किया गया है, जिसके परिणामस्वरूप औसत ट्रैकिंग दक्षता में वृद्धि हुई है।
उनका कार्य लो-वोल्टेज डीसी वितरण की संभावनाओं पर भी केंद्रित है, जिससे Multi Stage Conversion Losses को कम किया गया और दक्षता में सुधार हुआ।
*वर्तमान में डॉ. राठौर 400 के.वी. उपकेंद्र संभाग सीएसपीटीसीएल, रैता में कार्यरत हैं।*

