छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले में 5 अक्टूबर को ट्रक की टक्कर से बोलेरो सवार 5 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 5 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। शवों को बोड़ला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया, लेकिन फ्रीजर नहीं होने के कारण 24 घंटे तक शव स्ट्रेचर पर ही पड़े रहे।
रिपोर्टों के अनुसार, अस्पताल में केवल एक फ़्रीज़र था, जिसमें सिर्फ ड्राइवर का शव रखा था। शवों से बदबू आने लगी थी। जब मृतक के परिजन सोमवार तक नहीं पहुंचे, तो शवों को उसी रात ज़िला अस्पताल भेज दिया गया, जहां आज पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए।
कवर्धा के CMHO डॉ. डीके तुर्रे ने बताया कि चालक मध्य प्रदेश का रहने वाला था। उसके परिजन शव ले गए हैं। बाकी चार शव जिला अस्पताल से मृतकों के परिजनों को सौंप दिए गए, जो सभी कोलकाता के रहने वाले थे। परिजनों के पहुंचने में देरी हुई। बोड़ला में फ्रीजर की कमी थी, जिससे यह समस्या हुई।
अब जानिए कैसे हुआ था हादसा ?
दरअसल, 5 अक्टूबर की शाम करीब 5 बजे तेज रफ्तार ट्रक कवर्धा की ओर से अमरकंटक की ओर जा रहा था, जबकि बालाघाट से कोलकाता के पर्यटक बिलासपुर जा रहे थे। बोलरो सवार कालघरिया गांव के पास पहुंचे थे। इसी दौरान ट्रक ने बोलेरो सवारों को जोरदार टक्कर मार दी।
टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बोलेरो चकनाचूर हो गई। उसमें सवार लोगों की चीख-पुकार मच गई। एक्सीडेंट स्पॉट पर खून के धब्बे और बोलेरो की हालत देखकर कोई भी सिहर उठे। 4 लोगों की मौके पर मौत हो गई। इनमें 3 महिला शिक्षिका, बोलेरो का ड्राइवर शामिल हैं। वहीं पांचवीं मौत अस्पताल में एक लड़की की हुई है।
सामुदायिक केंद्र के बीएमओ ने की थी मांग
बोड़ला सामुदायिक केंद्र के BMO पुरुषोत्तम राजपूत ने बताया कि हादसे के बाद मृतकों के परिजनों ने रातभर शवों को फ्रीजर में रखने की मांग की थी, लेकिन हमारे यहां एक फ्रीजर है, जबकि कवर्धा जिला अस्पताल में भी केवल 2 ही फ्रीजर हैं, जिससे एक साथ शवों को सुरक्षित रखना संभव नहीं था।
BMO ने बताया कि शवों को लंबे समय तक खुले में रखने से दुर्गंध और संक्रमण का खतरा बढ़ने लगा था। सोमवार शाम 4 शवों को बोड़ला से जिला अस्पताल कवर्धा भेजा गया। मंगलवार सुबह पोस्टमॉर्टम किया गया। अतिरिक्त 2 फ्रीजर की अस्थाई व्यवस्था की गई है।
पोस्टमॉर्टम के बाद शव लेकर कोलकाता गए परिजन
वहीं सीएमएचओ डॉ. डीके तुर्रे ने बताया कि शवों के संरक्षण की तत्काल व्यवस्था करने के संबंध में निर्देश दिए गए थे, लेकिन सीमित संसाधनों के कारण कठिनाई हुई है। सभी ब्लॉक अस्पतालों में अतिरिक्त फ्रीजर और स्थायी मॉर्चुरी यूनिट स्थापित करने की योजना पर काम शुरू किया गया है।
वहीं कवर्धा जिला अस्पताल में 3 महिला और 1 नाबालिग बच्ची के शव को पोस्टमॉर्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया है। परिजन शवों के साथ कोलकाता के लिए रवाना हो गए हैं। कोलकाता में ही सभी का अंतिम संस्कार होगा।


