*जनता को खुश करने में है सबसे आगे भूपेश बघेल**
रायपुर : छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल के खिलाफ लोगों की नाराजगी सबसे कम है। आईएएनएस की ओर से सीवोटर ओपिनियन पोल द्वारा किए गए एक सर्वेक्षण (ians cvoter survey) एंगर इंडेक्स में इस बात का खुलासा किया गया है। सर्वे के अनुसार, भारतीय लोग छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल से सबसे कम नाराज हैं। जबकि अशोक गहलोत से नाराजगी सबसे ज्यादा है। सर्वे में छत्तीसगढ़ में सबसे कम बेरोजगारी भी दर्ज की गई है। छत्तीसगढ़ हाल ही में सभी राज्यों में सबसे कम बेरोजगारी दर वाले राज्य के रूप में सामने आया है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री जनता के गुस्से को प्रबंधित करने के मामले में शीर्ष पर हैं.
छत्तीसगढ़िया संस्कृति, अस्मिता को लेकर चल रहे भूपेश बघेल ने फिर एक बार देश के दिग्गजों को पटखनी देकर प्रदेश का नाम ऊंचा किया है। इस बार IANS की ओर से सी-वोटर ओपिनियन पोल द्वारा किए गए सर्वेक्षण इंडेक्स के अनुसार भूपेश बघेल के खिलाफ सबसे कम नाराजगी है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से लोग सबसे ज्यादा संतुष्ट है। राज्य शासन द्वारा लाई जा रही योजनाओं, कार्यक्रम को अमलीजामा पहनाने पर लोग खासे प्रभावित है। प्रदेश में सबसे कम बेरोजगारी है, जिसके कारण चार साल बाद भी कका की दीवानगी बरकरार है।
सर्वे के मुताबिक देश के लोग छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से सबसे कम नाराजगी जाहिर करते हुए उनके कार्यों से संतुष्टि व्यक्त की है। सर्वे के हिसाब से राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से लोग सबसे अधिक नाराज है। छत्तीसगढ़ देश में सबसे कम बेरोजगारी दर वाले राज्य के तौर पर उभर कर सामने आया है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल नागरिकों के गुस्से को सबसे ज्यादा प्रबंधित करने में शीर्ष पर है।
सर्वे की माने तो 94% लोग मुख्यमंत्री बघेल के काम से संतुष्ट है। इस आंकड़े को देखे तो देश के तमाम दिग्गजों और बड़े-बड़े राज्यों के मुख्यमंत्रियों के मुकाबले भूपेश बघेल लोगों की पहली पसंद बने हुए है। सर्वे में सिर्फ छह प्रतिशत लोग ही ऐसे निकले जिनमें मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के प्रति संतुष्टि का भाव कम रहा। बीते वर्ष हुए कई सर्वे में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का ही दबदबा रहा
सर्वे रिपोर्ट में कम बेरोजगारी का मुद्दा सबसे ऊपर था। बीते दिनों छत्तीसगढ़ सरकार की योजनाओं और कार्यप्रणाली के चलते राज्य में सबसे कम बेरोजगारी दर था। IANS सी वोटर हरेक तिमाही में 25 हजार से अधिक उत्तरदाताओं का इंटरव्यू करता है। इसमें सभी राज्यों से लेकर केंद्र शासित प्रदेशों में 11 भाषाओं में लोगों से सर्वे किया गया। सर्वे केंद्र और राज्य सरकार में सत्ता विरोधी बातों का आंकलन करता है। यह सर्वे इसी वर्ष जुलाई से सितंबर मध्य किया गया।

