महिलाओं के लिए हेल्प लाइन नंबर की बात आपने जरूर सुनी होगी। लेकिन पुरुषों के लिए हेल्प लाइन नंबर। है न हैरत वाली बात। पर ऐसा छत्तीसगढ में भी होने जा रहा है। इसका लाभ वैसे लोग उठा सकते हैं, जो पारिवारिक झगड़े, वैवाहिक मतभेद, मानसिक उलझनों या किसी तरह की अन्य सामाजिक प्रताड़ना के शिकार हैं। एनसीआरबी के अनुसार पुरुषों में आत्महत्या की वजह पारिवारिक मतभेद ही है। महिलाओं पर हो रही क्रूरता को रोकने के लिए कई कड़े कानून हैं। जबकि पुरुषों के लिए कोई कानून नहीं हैं। वो समस्या को लेकर किसी के पास जाता भी है, तो हंसी का पात्र बन जाता है। लेकिन अब उसका दर्द भी सुना जाएगा। रायपुर में सेव इंडन फैमिली संस्था ने पुरुषों के लिए हेल्प लाइन नंबर
(9407680781)
जारी किया है। आप इस नंबर पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
ऐसी पहल पहले दिल्ली, उत्तरप्रदेश, महाराष्ट्र, पं. बंगाल, मध्यप्रदेश ने की है। अब छत्तीसगढ में भी हेल्पलाइन के माध्यम से पुरुषों को कानूनी सुझाव और मनोवैज्ञानिक मदद दी जाएगी। उनका भी दुख-दर्द साझा होगा। संस्था के अनुसार महिला प्रताड़ना रोकने के लिए बने कानून का दुरुपयोग 90 प्रतिशत हो रहा है।
संस्था का कहना है कि पुरुषों का शारीरिक शोषण होने पर भी उन्हें किसी प्रकार की सहायता की बात तो दूर निंदा करने से भी लोग कतराते हैं। पुरुष अधिकारों की बात जब उठती है, तो उसे दबा दिया जाता है। जबकि पुरुष अधिकारों के लिए संवेदनशीलता की आवश्यकता है। लेकिन जब से यह नंबर जारी किया गया है, अब तक हजारों प्रताड़ित पुरुष कॉल कर चुके हैं। संस्था के अनुसार दिनों दिन कॉल करने वालों की संख्या बढ़ती ही जा रही है। यह नंबर कुछ दिन पहले जारी किया गया था।
9407680781
संस्था के अनुसार पुरूषों की समस्याओं को समझने के लिए कुछ पहलुओं पर नजर डालने की जरूरत है। पुरुष अधिकारों की बात करना महिला अधिकारों का हनन करना नहीं है।