बालोद जिला के वनांचल क्षेत्र में स्थित श्री जामड़ी पाटेश्वर आश्रम अब किसी परिचय का मोहताज नहीं है मां कौशल्या धाम एवं समस्त सनातन हिंदू धर्म के सामाजिक देवी देवता और महापुरुषों की मूर्ति स्थापना करने वाला यह स्थान विश्व में प्रसिद्ध होने जा रहा है इस स्थान की दिव्यता और भव्यता को सर्व समाज में समरसता स्थापित करने वाले के रूप में जाना जाएगा इसी हेतु पुरुषोत्तम मास के पवित्र महीना में 17 मई से 15 जून तक एक महीने सर्व समाज का सम्मेलन यहां आयोजित है दिनांक 5 जून को लोधी समाज का, दिनांक 6 जून को कुर्मी समाज का, और दिनांक 7 जून को मरार पटेल समाज का प्रदेश स्तरीय सम्मेलन आयोजित हुआ जिसमें हजारों की संख्या में समाज के लोगों ने आ करके मां कौशल्या धाम का दर्शन किया और अपनी परंपरा के अनुसार सम्मेलन करके भोजन प्रसाद ग्रहण करके कार्यक्रम को सफल बनाया इसी श्रृंखला में छत्तीसगढ़ का वरिष्ठ समाज साहू समाज का भी 9 जून को प्रदेश स्तरीय सम्मेलन मां कौशल्या धाम जामड़ी पाटेश्वर आश्रम जिला बालोद में रखा गया है इस कार्यक्रम के लिए श्री जामड़ी पाटेश्वर धाम के संचालक संत राम बालकदास महात्यागी एवं छत्तीसगढ़ प्रदेश साहू संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ नरेंद्र साहू के द्वारा संयुक्त निमंत्रण पत्र भी जारी किया गया है
और पूरे प्रदेश से साहू समाज के माताओ बहनों बंधुओ का एक दिन पहले से ही पाटेश्वर धाम में आना प्रारंभ हो गया है 9 जून को कार्यक्रम बहुत भव्य होगा हजारों की संख्या में साहू समाज के जिला तहसील एवं क्षेत्र पदाधिकारी और माताएं बहने कार्यक्रम में सम्मिलित होंगे मंचीय कार्यक्रम में सभी समाज प्रमुखों का उद्बोधन होगा मां कौशल्या धाम में भक्त माता कर्मा की मूर्ति स्थापना भी होनी है इसलिए भी समस्त साहू समाज की आस्था कौशल्या धाम से जुड़ी हुई है संत राम बालकदास जी ने बताया कि अभी तक 45000 परिवार ने मां कौशल्या धाम के निर्माण में राशि दान किया है जिसमें सबसे अधिक साहू समाज का योगदान हमें प्राप्त हुआ है अतः पाटेश्वर सेवा संस्थान साहू समाज का स्वागत अभिनंदन करना चाहता है इस हेतु 9 जून का यह कार्यक्रम रखा गया है
चर्चा के दौरान पत्रकारों से संत राम बालकदास जी ने कहा कि जिस तरह हम सामाजिक सद्भावना और समरसता के लिए कार्य कर रहे हैं ऐसे ही कुछ वामपंथी विचारधारा के लोग बालोद जिला में और छत्तीसगढ़ में मां कौशल्या धाम पाटेश्वर आश्रम के विरोध में कार्य कर रहे हैं वह नहीं चाहते कि सर्व समाज एकजुट होकर किसी कार्य को करें ऐसे लोगों से सभी को सावधान रहना चाहिए और भ्रामक समाचारों को ध्यान न देते हुए अधिक से अधिक संख्या में इस कार्यक्रम में सम्मिलित होकर अपने सामाजिक एकता का परिचय देना चाहिए


