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रायबरेली: मध्यप्रदेश और राजस्थान में कोल्ड्रिफ कफ सिरप पीने से बच्चों की माैत के बाद रायबरेली में भी औषधि विभाग सतर्क हो गया है. इसको लेकर औषधि निरीक्षक शिवेंद्र प्रताप सिंह ने भी कई निरीक्षण किए. उन्होंने अलग-अलग स्थानों से कफ सिरप के छह नमूने लेकर जांच के लिए भेजे हैं.
शासन ने उत्तर प्रदेश में कोल्ड्रिफ कफ सिरप पर प्रतिबंध लगाने के साथ ही सभी औषधि निरीक्षकों को कफ सिरप के नमूने लेने के आदेश दिए थे. साथ ही जानलेवा कफ सिरप बनाने वाले कंपनी के किसी भी उत्पाद का विक्रय मिलने पर उसे तत्काल रोकने के लिए भी कहा था. इसी के तहत सोमवार को औषधि निरीक्षक ने कई मेडिकल स्टोर, जिला अस्पताल व ड्रग वेयर हाउस का निरीक्षण किया.
इस दौरान कहीं भी कोल्ड्रिफ कफ सिरप या उस कंपनी से जुड़ी कोई दवा नहीं मिली. ड्रग इंस्पेक्टर ने सबसे पहले जिला अस्पताल पहुंचकर बच्चों में बंटने के लिए आई कफ सिरप की जांच की. उन्होंने कफ सिरप एंब्रोक्सॉल हाइड्रोक्लोराइड के दो कफ सिरप के नमूने भरे. इसके बाद हरचंदपुर स्थित ड्रग वेयर हाउस के गोदाम में भी पहुंचकर कफ सिरप की जांच की. यहां से ही कफ सिरप लियोसल्बूटामॉल और लिवोसिट्रिजिन हाइड्रोक्लोराइड नमूने लिए. उन्होंने आरडी मेडिकल स्टोर मऊ डीह से कफ सिरप अस्कफ का नमूना भरा. चांदसी मेडिकल स्टोर संदीनागिन से मोल्फेल का नमूना भरा. ड्रग इंस्पेक्टर शिवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि कफ सिरप के नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है.
जिले में कफ सिरप की जांच के लिए अभियान को जारी रखा जाएगी. जिला अस्पताल, ड्रग वेयर हाउस और मेडिकल स्टोर में तमिलनाडु में बने श्रीसन फॉर्मा के कफ सिरप नहीं मिले. इस संबंध में रिपोर्ट भी उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है.


