Chhattisgarh PNG LPG mandatory connection rule 2026: छत्तीसगढ़ में रसोई गैस को लेकर बड़ा बदलाव होने जा रहा है। राजधानी रायपुर समेत प्रदेश के 20 से ज्यादा शहरों में जिन घरों के करीब सिटी गैस पाइपलाइन बिछाई जाएगी, वहां रहने वाले परिवारों के लिए PNG कनेक्शन लेना अनिवार्य होगा। घर से करीब 100 मीटर के दायरे में पाइपलाइन उपलब्ध होने पर उपभोक्ता अपनी मर्जी से LPG सिलेंडर और PNG में से किसी एक को चुनने के लिए स्वतंत्र नहीं होंगे। पाइपलाइन से गैस की सप्लाई शुरू होने के बाद उसी पते का LPG कनेक्शन भी सरेंडर करना होगा।
इस व्यवस्था के लागू होने से एक ही पते पर पाइपलाइन गैस और LPG सिलेंडर दोनों रखने का विकल्प खत्म हो जाएगा। जिन इलाकों में पहले ही पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है, लेकिन परिवारों ने अब तक PNG कनेक्शन नहीं लिया है, वहां भी जल्द नियम का पालन कराने की तैयारी है। इसकी जिम्मेदारी जिला कलेक्टरों और नगर निगम आयुक्तों को सौंपी जाएगी।
40 हजार घरों में कनेक्शन
प्रदेश में PNG नेटवर्क का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। अब तक 40 हजार से ज्यादा घरों में PNG कनेक्शन देकर मीटर लगाए जा चुके हैं। इसके बावजूद करीब डेढ़ हजार घरों में ही गैस की सप्लाई शुरू हो पाई है। यानी कनेक्शन लेने वाले परिवारों में तीन फीसदी से भी कम इसका इस्तेमाल कर रहे हैं। गैस कंपनियों के मुताबिक, PNG सप्लाई शुरू होने के बाद तय अवधि के भीतर उसी पते का LPG कनेक्शन सरेंडर करना होगा। हालांकि, उपभोक्ताओं की चिंता यह है कि अगर तकनीकी खराबी या पाइपलाइन में किसी तरह की समस्या के कारण गैस सप्लाई रुक गई तो खाना बनाने के लिए उनके पास दूसरा विकल्प नहीं बचेगा। इसी आशंका को देखते हुए राज्य सरकार लोगों को नई व्यवस्था के बारे में जागरूक करने की तैयारी कर रही है, ताकि नियम लागू करने के दौरान विरोध की स्थिति न बने।
10 लाख घरों तक PNG नेटवर्क पहुंचाने का लक्ष्य
राज्य में 10 लाख से ज्यादा घरेलू PNG कनेक्शन देने का लक्ष्य रखा गया है। अकेले रायपुर में करीब एक लाख घरों तक गैस पाइपलाइन पहुंचाई जानी है। राजधानी के भनपुरी, टाटीबंध, सरोना, फाफाडीह और अवंति विहार की कुछ कॉलोनियों में गैस सप्लाई शुरू भी हो चुकी है। इसके अलावा बिलासपुर, दुर्ग-भिलाई, रायगढ़, कोरबा, अंबिकापुर, राजनांदगांव और जगदलपुर समेत प्रदेश के प्रमुख शहरों और कस्बों में पाइपलाइन नेटवर्क का विस्तार किया जा रहा है।
चार कंपनियों को सौंपी गई पाइपलाइन बिछाने की जिम्मेदारी
प्रदेश में अलग-अलग क्षेत्रों में PNG नेटवर्क तैयार करने के लिए चार कंपनियों को जिम्मेदारी दी गई है।
- हरियाणा सिटी गैस को रायपुर, बलौदाबाजार और गरियाबंद में नेटवर्क तैयार करना है।
- अडानी टोटल गैस को बिलासपुर, कोरबा, रायगढ़ और जांजगीर-चांपा समेत कई जिलों की जिम्मेदारी दी गई है।
- BPCL सरगुजा संभाग के कोरिया, सूरजपुर, बलरामपुर और सरगुजा में पाइपलाइन बिछाएगी।
- गेल को बस्तर संभाग के जिलों में गैस नेटवर्क तैयार करना है।
वहीं, मध्यप्रदेश के शहडोल से करीब 214 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन सरगुजा संभाग तक लाई जा रही है। इसके लिए कोरिया, सूरजपुर, बलरामपुर और सरगुजा में पहाड़ काटकर पाइपलाइन बिछाने का काम किया जा रहा है।
किन परिवारों को मिलेगी PNG कनेक्शन की अनिवार्यता से छूट?
इस नियम से उन परिवारों को राहत मिलेगी, जिनके घरों तक पाइपलाइन पहुंचाना मुश्किल है। ऐसे इलाकों में रहने वाले लोगों को PNG कनेक्शन लेने की अनिवार्यता से छूट दी जाएगी। इसके लिए पाइपलाइन से दूरी का दायरा करीब एक किलोमीटर रखा गया है। हालांकि, अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि भविष्य में हर परिवार के लिए गैस पाइपलाइन कनेक्शन जरूरी किया जा सकता है।
कलेक्टरों और नगर निगम आयुक्तों को दी गई जिम्मेदारी
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने सोमवार को प्रदेश के सभी कलेक्टरों और नगर निगम आयुक्तों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की। इसमें शहरी गैस वितरण नीति-2026 के प्रावधानों की जानकारी दी गई। अधिकारियों को बताया गया कि जिन क्षेत्रों में पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है, वहां आसपास के घरों को PNG कनेक्शन लेना अनिवार्य होगा। इसके लिए लोगों को जागरूक करने के निर्देश भी दिए गए हैं। एचजीसी के मैनेजर राकेश रंजन के मुताबिक, उपभोक्ता अपने LPG सिलेंडर कनेक्शन को किसी दूसरे पते पर शिफ्ट कर सकते हैं। यह व्यवस्था केंद्र की सिटी गैस वितरण योजना और राज्य की शहरी गैस वितरण नीति-2026 के तहत लागू की जा रही है।

