मानसून ने पकड़ी रफ्तार: छत्तीसगढ़ के कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
रायपुर। छत्तीसगढ़ में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय हो गया है। प्रदेश के कई जिलों में लगातार बारिश का दौर जारी है, जिससे मौसम सुहावना हो गया है। मौसम विभाग ने आगामी 24 से 48 घंटों के दौरान कई जिलों में मध्यम से भारी बारिश की संभावना जताई है। इसके साथ ही कुछ क्षेत्रों में गरज-चमक और तेज हवाओं की भी चेतावनी जारी की गई है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के क्षेत्र और मानसूनी तंत्र के मजबूत होने के कारण प्रदेश में वर्षा की गतिविधियों में तेजी आई है। रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, राजनांदगांव, धमतरी, कांकेर, महासमुंद, गरियाबंद, बालोद, बस्तर और सरगुजा संभाग के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है।
बारिश के कारण किसानों के चेहरों पर खुशी देखने को मिल रही है। धान की बुवाई की तैयारी कर रहे किसानों को पर्याप्त नमी मिलने से खेती-किसानी के कार्यों में तेजी आने की उम्मीद है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यदि आने वाले दिनों में इसी तरह बारिश होती रही तो खरीफ फसलों के लिए यह काफी लाभदायक साबित होगी।
हालांकि लगातार बारिश के कारण कुछ निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति भी बन सकती है। प्रशासन ने नागरिकों से सावधानी बरतने की अपील की है। तेज बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने, बिजली के खंभों और पेड़ों से दूर रहने तथा नदी-नालों के आसपास विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
मौसम विभाग ने बताया कि प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में अगले कुछ दिनों तक वर्षा की गतिविधियां जारी रह सकती हैं। इससे तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी। पिछले कुछ दिनों से पड़ रही उमस और गर्मी के बाद बारिश ने लोगों को बड़ी राहत प्रदान की है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस वर्ष मानसून सामान्य से बेहतर रहने की संभावना है। यदि बारिश का यह क्रम बना रहता है तो जलाशयों और बांधों में जलस्तर बढ़ेगा, जिससे सिंचाई और पेयजल व्यवस्था को भी लाभ मिलेगा।
प्रशासन की अपील
मौसम विभाग की चेतावनियों पर ध्यान दें।
तेज बारिश के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें।
जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचें।
बच्चों को नदी, तालाब और नालों के पास अकेले न जाने दें।
बिजली गिरने की आशंका होने पर खुले मैदान में खड़े न रहें।
प्रदेश में मानसून की सक्रियता बढ़ने के साथ ही लोगों की निगाहें अब आगामी दिनों के मौसम पर टिकी हुई हैं। किसानों से लेकर आम नागरिकों तक सभी को अच्छी बारिश की उम्मीद है, जिससे खेती और जल संसाधनों को बड़ा लाभ मिल सकता है।

