मरवाही वन परिक्षेत्र के गुल्लीडांड गांव में गुरुवार सुबह एक दर्दनाक घटना सामने आई, जहां महुआ बिनने जंगल गईं तीन महिलाओं पर भालू ने हमला कर दिया. इस हमले में परमिला यादव, सुमित्रा रैदास और दशोदिया बाई गंभीर रूप से घायल हो गईं. परमिला यादव की हालत अत्यंत गंभीर होने के कारण उन्हें जिला अस्पताल रेफर किया गया है.
मिली जानकारी के अनुसार, सुबह करीब 7 बजे परमिला यादव और सुमित्रा रैदास अपने घर से जंगल में महुआ बिनने गई थीं. इसी दौरान एक भालू ने उन पर अचानक हमला कर दिया. उनकी चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और भालू को खदेड़ने की कोशिश की. इस बीच भालू ने कुछ दूरी पर मौजूद तीसरी महिला दशोदिया बाई पर भी हमला कर दिया. ग्रामीणों ने शोर कर किसी तरह भालू को जंगल की ओर भगाया.
स्थानीय लोगों का कहना है कि मरवाही के जंगलों में बेतहाशा पेड़ों की कटाई, अवैध गिट्टी, मुरूम और नदियों से रेत का उत्खनन, साथ ही जंगलों पर अतिक्रमण के कारण वन्यजीवों का प्राकृतिक आवास कम हो रहा है. इसकी वजह से भालू जैसे जंगली जानवर मानव बस्तियों की ओर रुख कर रहे हैं.
इसके पहले भी दानीकुंडी और खंता गांव में भालू के गांव में घुसने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, हालांकि तब कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ था. इस बार तीन महिलाओं पर हमला होने से स्थिति चिंताजनक हो गई है. इसके बावजूद भी वन विभाग जंगल कटाई, अवैध उत्खनन और अतिक्रमण को रोकने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा है.



