*पाकिस्तानी लड़की के लिए देवदूत बने भारतीय डॉक्टर, दी नई जिंदगी, 90 डिग्री में घुमा हुआ था चेहरा*
पाकिस्तान की एक लड़की को भारतीय डॉक्टरों ने नया जीवन दिया भारत और पाकिस्तान के रिश्तों में करीब 3 साल से अधिक समय से दरार पड़ी हुई है. दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंध भी खत्म है. समय-समय पर अब भी टेंशन बढ़ती रहती है, लेकिन इन सबके बीच एक और तस्वीर है जो मानवता को दिखाती है. जी हां, पाकिस्तान की अफशीन गुल की कुछ समय पहले की स्थिति और उसके मौजूदा हाल को देखकर आप यही कहेंगे. एक गंभीर शारीरिक समस्या से जूझ रही अफशीन गुल का जिस तरह एक भारतीय डॉक्टर ने इलाज किया उसकी तारीफ न सिर्फ भारत बल्कि पाकिस्तान में भी हो रही है. चलिए जानते हैं क्या है पूरा मामला.
पाकिस्तान की एक 13 वर्षीय लड़की, जो गंभीर Muscular Rotatory से पीड़ित थी, उसकी भारत में एक सफल सर्जरी हुई. वो अब अपने सामान्य जीवन में लौट आई है. और यह दिल्ली के एक डॉक्टर की बदौलत मुमकिन हुआ. दिल्ली के अपोलो अस्पताल के स्पाइनल सर्जरी के विशेषज्ञ डॉ. राजगोपालन कृष्णन ने अफशीन की सर्जरी मुफ्त करने की पेशकश की. चार महीने बाद, वह आखिरकार चल सकती है, बात कर सकती है और खुद से खाना खा सकती है. उसकी सर्जरी के घाव ठीक हो गए हैं. डॉ कृष्णन हर हफ्ते स्काइप के जरिए उससे बात करते हैं.
बात दे की बचपन से ही 90 डिग्री झुकी गर्दन को डॉक्टरों ने सीधा कर दिया। जिसके बाद 14 साल की इस पाकिस्तानी बच्ची का जीवन काफी आसान हो गया है।
बचपन के एक हादसे के कारण अफशीन गुल नाम की इस लड़की की गर्दन टेढ़ी हो गई थी। साथ ही वह गंभीर सेरेब्रल पाल्सी से भी जूझ रही थी। पिछले दिनों इसी बीमारी के चलते माइक्रोसॉफ्ट के CEO सत्या नडेला के बेटे की मौत हुई थी। इस पाकिस्तानी लड़की को भी जान का खतरा था। लेकिन भारतीय डॉक्टरों ने चमत्कार कर उसे नई जिंदगी दे दी है।
भाई ने डॉक्यूमेंट्री देख भारत आने का फैसला किया
अफशीन के भाई याकूब कंभर ने बीबीसी को बताया कि उसने पाकिस्तान में भी इलाज की काफी कोशिश की। लेकिन इससे कुछ फायदा नहीं हुआ। बाद में उन्होंने भारतीय डॉक्टरों की एक डॉक्यूमेंट्री देखी, जिसमें एक ऐसे ही लड़के के इलाज की कहानी बताई गई थी। ऐसे में याकूब ने भारत आकर बहन का इलाज करवाने का फैसला किया।
विदेशी लोगों की मदद से भारत पहुंची अफशीन
अफशीन की कहानी को पाकिस्तानी मीडिया में कई बार दिखाया गया था। जिसके चलते वो दुनिया की नजरों में आ गई थीं। विदेशों से अफशीन की मदद की कोशिशें की जाने लगीं। उसे इलाज के लिए ऑस्ट्रेलिया बुलाया गया। लेकिन कोविड महामारी फैल जाने के कारण वो वहां नहीं जा सकी।
आखिरकार कुछ विदेशी संस्थाओं के सहयोग से अफशीन अपने भाई के साथ दिल्ली आईं। उन्हें मेडिकल वीजा दिया गया था।डॉक्टर गोपालन कृष्णन की टीम ने किया कमाल
दिल्ली के अपोलो अस्पताल के डॉक्टर गोपालन कृष्णन और उनकी टीम में मौजूद डॉक्टर मनोज शर्मा, डॉक्टर जयललिता, डॉक्टर चेतन मेहरा और डॉक्टर भानु पंत ने पाकिस्तानी बच्ची का इलाज किया। डॉक्टरों ने दो छोटी सर्जरी के बाद एक बड़ा ऑपरेशन कर उसकी टेढ़ी गर्दन को सीधा कर दिया। जिसके बाद वह अब आसानी से देख और बोल सकती है।
भाई बोला- डॉक्टर गोपालन कृष्णन फरिश्ता बनकर आए
बहन के ठीक होने के बाद याकूब कंभर ने सोशल मीडिया पर भारतीय डॉक्टर गोपालन कृष्णन और उनकी टीम का शुक्रिया अदा किया है। उसने डॉ. कृष्णन को फरिश्ता बताते हुए लिखा कि ‘आपकी वजह से ही आज मेरी बहन ठीक हो पाई है। आप हमारे लिए फरिश्ता बन कर आए।’
डॉक्टर गोपालन कृष्णन आज भी वीडियो कॉल के माध्यम से हर सप्ताह अपनी पाकिस्तानी मरीज की सेहत की निगरानी करते हैं।

