छत्तीसगढ़ प्रोग्रेसिव आर्टिस्ट ग्रुप की वृहद कला प्रदर्शनी का महंत घासीदास संग्रहालय में 12 से 14 अप्रैल को होगा आयोजन
देश-विदेश के नामी प्रदर्शनियों में प्रस्तुति देने वाले कलाकारों की पेंटिंग देखने को मिलेगी
रायपुर। छत्तीसगढ़ प्रोग्रेसिव आर्टिस्ट ग्रुप की ओर से तीन दिवसीय वृहद कला प्रदर्शनी का आयोजन 12 से 14 अप्रैल तक महंत घासीदास संग्रहालय में किया जा रहा है। प्रदर्शनी में राज्य के 45 कलाकारों की चित्र और शिल्प कला का प्रदर्शन किया जाएगा। प्रदर्शनी में हिस्सा लेने आ रहे कलाकार राज्य के अलग-अलग अंचल से है, जो अपने परिवेश और क्षेत्र का प्रतिनिधित्व अपने आर्ट के जरिए करते नजर आने वाले हैं। प्रदर्शनी के क्यूरेटर डॉ. ध्रुव तिवारी और छत्तीसगढ़ प्रोग्रेसिव आर्टिस्ट ग्रुप के संयोजक जितेन साहू ने बताया कि कला जगत से जुड़े लोगों को इस प्रदर्शनी में बहुत कुछ देखने और सीखने को मिलेगा। प्रदर्शनी में प्रदेशभर से आए हुए कलाकार एकत्रित होकर एक मंच के माध्यम अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे।
कलाकार और उनकी प्रदर्शनी-
सोनल शर्मा-
श्रीमती सोनल शर्मा छत्तीसगढ़ के ग्रामीण परिवेश में पली बढ़ी। उनकी कला में बचपन से रुचि थी इसलिए उन्होंने कला को अपने करियर के रूप में बनाने का निर्णय लिया। उन्हें खैरागढ़ से फाइन आर्ट्स किया, साथ ही भारत के अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालय शांतिनिकेतन से उन्होंने पोस्ट ग्रैजुएशन किया हैं। छत्तीसगढ़ के गोदना में उन्होंने विशेष कार्य किया है। उन्होंने आदिवासी महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए उन्हें धागे से ज्वेलरी बनाने का प्रशिक्षण दिया। साथ ही उन्होंने सूरजकुंड में हुए कला महोत्सव में हिस्सा लिया। उनकी समय समय पर प्रदर्शनी लगती है। सरकारी स्कूलों और वरिष्ठ साहित्यकारों की किताबों में उनकी कला को देखा जा सकता है।
श्रद्धा जैन-
श्रीमती श्रद्धा जैन मूलतः दुर्ग जिले में पली-बढ़ी और वर्तमान में उनका रहना मुंबई में होता है। उन्होंने इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय में, बनारस के अस्सी घाट, जगदलपुर, मलाजखंड, मुजफ्फरनगर, भिलाई के नेहरू आर्ट गैलरी, मुंबई के जहांगीर आर्ट गैलरी में हुए प्रदर्शनी में अपनी प्रस्तुति दी है। उन्हें भिलाई में मेरिट अवार्ड के साथ खैरागढ़, दुर्ग, भिलाई में विभिन्न पुरस्कार मिल चुका है। अब तक उन्होंने अपनी 210 पेंटिंग शिकागो और 17 पेंटिंग कुवैत भेजी है। साथ ही उन्होंने साथी एनजीओ के साथ बस्तर में पारंपरिक आभूषणों पर आधारित वर्कशॉप का आयोजन किया है।
जितेन साहू-
इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय (1994) से बीएफए प्राप्त दृश्य कलाकार जितेन साहू ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने काम का प्रदर्शन किया है। उन्हें महाकोशल कला परिषद पुरस्कार (1998) और एआईएफएसीएस वार्षिक पुरस्कार (2009) सहित कई प्रतिष्ठित पुरस्कार मिले हैं। उनकी एकल और समूह प्रदर्शनियां इंडिया हैबिटेट सेंटर और भारत भवन जैसी प्रसिद्ध दीर्घाओं में फैली हुई हैं। जितेन ने भारत और दुनिया भर में प्रतिष्ठित कला शिविरों में भाग लिया है। दृश्य कलाओं के अलावा, वे साहित्य और कला पत्रकारिता में भी योगदान देते हैं, सांस्कृतिक पत्रिकाओं का संपादन करते हैं और हिंदी कविताएँ प्रकाशित करते हैं। कलात्मक अभिव्यक्ति के प्रति उनका समर्पण प्रदर्शनियों, कार्यशालाओं और भारतीय कला परिदृश्य में संपादकीय योगदान के माध्यम से जारी है।
दीक्षा साहू-
दीक्षा साहू मूलतः जांजगीर चांपा की रहने वाली है। दीक्षा वर्तमान में रियलिस्टिंग पेंटिंग पर काम कर रही है और बस्तर को जीवंत करते हुए उन्हें अपनी पेंटिंग में उकेर रही हैं। उन्होंने इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय खैरागढ़ से मास्टर्स ऑफ फाइन आर्ट्स किया है, उन्हें नेशनल स्कॉलरशिप टू यंग आर्टिस्ट्स अवार्ड मिल चुका है। उन्होंने सोनाबाई रजवार आर्ट गैलरी, खैरागढ़। रंग मंडल, नई दिल्ली, भोपाल, गोवा, कोच्चि, मुंबई, रायपुर के विवेकानंद एयरपोर्ट, खैरागढ़ में आयोजित विभिन्न एग्जीबिशन में भाग लेकर अपनी कला को प्रदर्शित किया है। साथ ही उन्होंने छत्तीसगढ़ संस्कृति विभाग की ओर से आयोजित वर्कशॉप में भाग लिया है। कोरबा, मंडला, दुर्ग जैसी जगह में उन्होंने वर्कशॉप अटेंड किया है और उनकी एक पेंटिंग जर्मनी के एक कलाप्रेमी ने खरीदी है।
डॉ. तरुणा माथुर-
डॉ. माथुर वडोदरा, गुजरात में रहती हैं। उन्होंने जयपुर राजस्थान से फाइनआर्ट में स्नातक, परास्नातक और डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त की है। उन्हें प्रकृति से प्रेरित कलाकृतियां बनाने का शौक है। उन्होंने नई दिल्ली के डॉ. अंबेडकर अंतर्राष्ट्रीय केंद्र में साबरमती आश्रम की प्रतिकृति प्रदर्शित की। इस प्रदर्शन में भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास को दिखाया गया। उन्हें मैग्नम आर्ट गैलरी, दिल्ली द्वारा ‘शक्ति स्वरूपा’ पुरस्कार, ‘मातृ शक्ति सम्मान’, ‘माई टीचर, माई हीरो’ पुरस्कार, राष्ट्रीय सक्रिय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है। उनकी नवीनतम प्रदर्शनी अहमदाबाद के के.पी. कैंपस में, ऑस्ट्रेलिया के पर्थ में कैनिंग वेल मार्केट्स द्वारा आयोजित, नई दिल्ली में एमएचआरडीएम में, लखनऊ में जी.पी. फाउंडेशन आर्ट गैलरी द्वारा और दिल्ली में मैग्नम ओपस आर्ट गैलरी द्वारा आयोजित गोधरा में उड़ान चौरिटेबल ट्रस्ट पेंटिंग प्रदर्शनी में आयोजित की गई थी।

